ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि इस क्षेत्र की धरती अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों को सुरक्षा प्रदान नहीं करेगी। उन्होंने सभी मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की है ताकि मिलकर इस्लामी दुनिया की समस्याओं का समाधान किया जा सके। यह बयान अमेरिकी सेना द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के तुरंत बाद आया है।

ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका और इसराइल को लेकर क्या कहा?

अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने मंगलवार, 26 मई 2026 को अपने सालाना हज संदेश और सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अब अपनी सैन्य मौजूदगी और हरकतों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं मिलेगी क्योंकि ईरान ने उन्हें करारा जवाब दिया है। उन्होंने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका और इसराइल के खिलाफ नारेबाजी अब मुस्लिम देशों के युवाओं के मुख्य नारे होंगे। उन्होंने इसराइल को एक अस्थिर शासन बताया जो अपने आखिरी दौर में है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी प्रभाव का मुकाबला करने के लिए ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ की सराहना की।

अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ा सैन्य तनाव?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार, 25 मई 2026 को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी मिसाइल लॉन्च साइटों और नावों पर हमले किए थे। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी क्योंकि ये नावें कथित तौर पर बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को संघर्ष विराम का गंभीर उल्लंघन बताया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उनके हवाई रक्षा तंत्र ने एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है और अन्य अमेरिकी विमानों पर फायरिंग की है।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी जारी है?

इस बड़े तनाव के बीच भी दोनों देशों के बीच राजनयिक रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ संघर्ष विराम बढ़ाने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि ईरान के साथ समझौता अभी भी संभव है और राष्ट्रपति ट्रंप एक अच्छा समझौता चाहते हैं। इसी बीच, लगभग 90 दिनों के ब्लैकआउट के बाद मंगलवार को ईरान में आंशिक रूप से इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के नए सर्वोच्च नेता कौन हैं?

अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई मार्च 2026 में ईरान के सर्वोच्च नेता बने हैं। उन्होंने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की जगह ली है।

अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास कार्रवाई क्यों की?

अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने सुरक्षा कारणों से ईरानी मिसाइल साइटों और नावों पर हमला किया, क्योंकि अमेरिकी दावों के अनुसार वे नावें बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.