ईरान सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए स्टील स्लैब और स्टील शीट्स के निर्यात पर रोक लगा दी है. यह प्रतिबंध 30 मई तक लागू रहेगा ताकि देश के भीतर स्टील की सप्लाई बनी रहे और स्थानीय उद्योगों को कोई दिक्कत न हो. सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कदम घरेलू मांग को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है.

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ईरान ने स्टील निर्यात क्यों रोका और कब तक रहेगा बैन?

ईरान ने 27 अप्रैल 2026 को यह घोषणा की कि वह 30 मई 2026 तक स्टील स्लैब और स्टील शीट्स का निर्यात निलंबित रखेगा. यह निर्णय क्षेत्रीय तनाव, व्यापार में आने वाली बाधाओं और उत्पादन के दबाव को देखते हुए लिया गया है. सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि देश के अंदरूनी उद्योगों की जरूरतें पहले पूरी हों और घरेलू बाजार में स्टील की कमी न हो.

हमलों का असर और स्टील प्लांट की मौजूदा स्थिति

इस निर्यात रोक के पीछे एक बड़ी वजह औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर हुए हमले हैं. अप्रैल 2026 की शुरुआत में अमेरिकी और इजरायली हमलों की वजह से ईरान के दो सबसे बड़े स्टील प्लांट, खुज़ेस्तान स्टील कंपनी और मोबारक स्टील कंपनी, उत्पादन से बाहर हो गए थे. अनुमान है कि इन प्लांटों को फिर से शुरू करने में छह महीने से एक साल तक का समय लगेगा. इसी कारण घरेलू आपूर्ति प्रभावित हुई है और निर्यात बंद करना पड़ा.

अंतरराष्ट्रीय बाजार और कीमतों पर क्या होगा प्रभाव?

  • ईरान के बाजार से बाहर होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्लैब ट्रेडिंग में तेजी आई है.
  • विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक निर्यात रुकने से दुनिया भर में स्टील की कीमतें बढ़ सकती हैं.
  • इससे ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर पड़ने की संभावना है.
  • ईरान ने इससे पहले 16 अप्रैल 2026 को पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात पर भी रोक लगाई थी ताकि घरेलू बाजार स्थिर रहे.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.