ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान पूरी तरह से रुक गया है। ईरान ने 1 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर अमेरिका के साथ अपनी सभी अप्रत्यक्ष वार्ताओं को निलंबित करने का बड़ा फैसला किया है। ईरान का कहना है कि यह फैसला लेबनान और गाजा में चल रहे इसराइली सैन्य हमलों के विरोध में लिया गया है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद खाड़ी देशों और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर तनाव काफी अधिक बढ़ गया है।

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ईरान ने क्यों लिया अमेरिका से बातचीत रोकने का फैसला?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने सोशल मीडिया पर साफ किया है कि युद्धविराम का मतलब सभी मोर्चों पर शांति होना चाहिए, जिसमें लेबनान और गाजा दोनों शामिल हैं। ईरान का आरोप है कि लेबनान में इसराइल के लगातार हो रहे हमले अमेरिका और ईरान के बीच के व्यापक युद्धविराम समझौते का सीधा उल्लंघन हैं। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि जब तक गाजा और लेबनान में इसराइली सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से बंद नहीं होती और इसराइली सेना वापस नहीं जाती, तब तक अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं की जाएगी।

अमेरिका और इसराइल का इस पूरे मामले पर क्या है कहना?

इस पूरे मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में कहा कि उन्हें ईरान द्वारा बातचीत रोकने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है और बातचीत तेज गति से जारी है। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि इस तरह की चुप्पी भी ठीक है, लेकिन बातचीत के रास्ते बंद नहीं हुए हैं। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने बेरूत के दहिह इलाके में हमलों की पुष्टि की है। इसराइल का कहना है कि हिजबुल्लाह ने पहले युद्धविराम के नियमों का उल्लंघन किया, जिसके जवाब में ये हमले किए गए हैं।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या असर पड़ रहा है?

इस तनाव के बीच हाल ही में जमीनी हालात काफी बिगड़े हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार और ड्रोन ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान की तरफ से कुवैत में मिसाइलें दागी गई हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और उसके सहयोगी संगठन अब होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंडेब को पूरी तरह से बंद करने पर विचार कर रहे हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की सुरक्षा व्यवस्था के लिए यह एक संवेदनशील समय है। मध्यस्थता करने वाले देश ओमान पर भी इस समय अमेरिका का भारी दबाव देखा जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत क्यों बंद हुई है?

लेबनान और गाजा में इसराइल के सैन्य हमलों के विरोध में ईरान ने अमेरिका के साथ अपनी अप्रत्यक्ष बातचीत और संदेशों के लेन-देन को पूरी तरह से रोक दिया है।

क्या इस तनाव का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ा है?

हां, अमेरिका द्वारा ईरान के रडार ठिकानों पर हमले और जवाब में कुवैत पर ईरान की मिसाइल कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.