ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने शनिवार, 18 जुलाई 2026 को जॉर्डन के Al Azraq Air Base पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। ईरान की Tasnim न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इसे Operation Nasr-2 के ‘वेव 20’ का हिस्सा बताया गया है। ईरान का दावा है कि इस हमले में अमेरिका के कम से कम दो फाइटर जेट और तीन अन्य विमान पूरी तरह तबाह हो गए हैं और सैन्य बेस को काफी नुकसान पहुंचा है।
हमले का विवरण और ईरानी सैन्य बयान
ईरान की सेना ने भी अलग से बयान जारी कर ‘Operation Lightning‘ के तहत जॉर्डन के एयर बेस पर मौजूद ईंधन टैंकों को निशाना बनाने की बात कही है। इसके साथ ही, कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों, गोला-बारूद डिपो और संचार केंद्रों पर भी ड्रोन हमले किए जाने की खबर है। ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार Major General Mohsen Rezaei ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की ओर से जवाबी कार्रवाई जारी रही, तो ईरान अपने हमले और तेज कर सकता है।
जॉर्डन और अमेरिका की प्रतिक्रिया
जॉर्डन की सेना ने इन दावों के बीच जानकारी दी कि उन्होंने शनिवार सुबह ईरान की 10 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। जॉर्डन के मुताबिक, इस घटना में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। फिलहाल अमेरिका या जॉर्डन की ओर से किसी विमान के नष्ट होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। US Central Command (CENTCOM) ने पिछले सात दिनों से ईरान के खिलाफ अपना अभियान जारी रखा है और सीरिया में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने के ईरानी दावों को खारिज किया है। ईरान का कहना है कि यह हमला उनकी नागरिक सुविधाओं पर हुए अमेरिकी हमलों का जवाब है।
