ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरानी मीडिया और न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरान की सेना Islamic Revolution Guards Corps (IRGC) ने गुरुवार, 28 मई 2026 की सुबह 4:50 बजे एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई कथित तौर पर बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास अमेरिकी ड्रोन और मिसाइलों की घुसपैठ के जवाब में की गई है। इस बीच, कुवैत की सेना ने भी आसमान में संदिग्ध मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की पुष्टि की है जिससे खाड़ी क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
ईरान ने अमेरिकी एयरबेस को क्यों बनाया निशाना?
ईरान की सेना IRGC का कहना है कि गुरुवार तड़के अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास एयरपोर्ट (Bandar Abbas Airport) के बाहरी इलाके में हवाई हमलावर उपकरणों की मदद से घुसपैठ करने की कोशिश की थी। इसके जवाब में उन्होंने ठीक सुबह 4:50 बजे उस अमेरिकी एयरबेस पर हमला किया जहां से यह कार्रवाई शुरू की गई थी। हालांकि, ईरान ने इस अमेरिकी एयरबेस के सही लोकेशन का खुलासा नहीं किया है लेकिन चेतावनी दी है कि आगे किसी भी कार्रवाई का और भी कड़ा जवाब दिया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी हमलावर देश की होगी।
अमेरिका और कुवैत का इस मामले पर क्या कहना है?
अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने बुधवार, 27 मई 2026 को ईरान के बंदर अब्बास में एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर रक्षात्मक हमला किया था, जो एक ड्रोन लॉन्च करने की तैयारी कर रहा था। इसके अलावा अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास चार ईरानी ड्रोनों को मार गिराया था। वहीं कुवैत के सैन्य मुख्यालय ने जानकारी दी है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश की सीमा के पास कई संदिग्ध मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया है, जिससे तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी जारी है?
यह पूरी घटना ऐसे समय में हुई है जब अप्रैल की शुरुआत से दोनों देशों के बीच सीजफायर यानी संघर्ष विराम को लेकर बातचीत चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस हालात पर बयान देते हुए कहा कि ईरान इस वक्त बेहद कमजोर स्थिति में बातचीत कर रहा है और उन्होंने जरूरत पड़ने पर आगे की सैन्य कार्रवाई से इनकार नहीं किया है। इस बीच वाशिंगटन ने ईरान की फारस की खाड़ी स्ट्रेट अथॉरिटी पर नए प्रतिबंध भी लगा दिए हैं जिससे तनाव और बढ़ गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिका के एयरबेस पर हमला कब और क्यों किया?
ईरान की सेना IRGC ने 28 मई 2026 को सुबह 4:50 बजे हमला किया। उन्होंने दावा किया कि यह हमला अमेरिकी सेना द्वारा बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास की गई घुसपैठ के जवाब में था।
कुवैत की सेना ने इस तनाव के बीच क्या कदम उठाए हैं?
कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी हवाई सीमा में आ रहे संदिग्ध मिसाइल और ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक रोककर हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे तेज धमाके सुनाई दिए।