ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान की सेना यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने गुरुवार, 28 मई 2026 को तड़के सुबह 4:50 बजे एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बड़ा हमला किया। ईरान का दावा है कि यह हमला अमेरिका द्वारा बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास किए गए हवाई हमलों के जवाब में किया गया है। इस ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं और कुवैत ने भी अपने हवाई सुरक्षा सिस्टम को अलर्ट कर दिया है।
ℹ️: ईरान और अमेरिका में फिर छिड़ी जंग, US ने मार गिराए 4 ईरानी ड्रोन, कुवैत पर भी हुआ हमला।
ईरान ने अमेरिकी बेस को क्यों बनाया निशाना?
ईरानी मीडिया आउटलेट तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने साफ किया है कि उन्होंने जिस अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है, वहीं से ईरान के खिलाफ हमलों की योजना बनाई गई थी। इससे पहले बुधवार, 27 मई को अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास के पास ईरान के एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर हमला किया था और ईरान के चार ड्रोन विमानों को मार गिराया था। इसी कार्रवाई के जवाब में ईरान ने तड़के सुबह जवाबी हमला किया। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर दोबारा ऐसी कोई कार्रवाई हुई तो इसका और भी कड़ा जवाब दिया जाएगा।
समुद्री सीमा पर भी बढ़ा तनाव और कुवैत में अलर्ट
इस हमले से पहले भी दोनों देशों के बीच पिछले 24 से 48 घंटों में भारी तनाव देखा गया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी नौसेना ने एक अमेरिकी टैंकर पर गोलाबारी की थी, जिसने अपना रडार बंद कर रखा था। इसके बाद अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास के पास हवाई हमले किए थे। ईरान की नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद अकबरजादेह ने पहले ही धमकी दी थी कि अगर अमेरिका ने हमले बंद नहीं किए, तो वे दक्षिणी तटरेखा को दुश्मनों के लिए कब्रिस्तान बना देंगे। इसी बीच खबर आई है कि कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने भी अपने क्षेत्र में कुछ संदिग्ध मिसाइलों और ड्रोन हमलों को नाकाम किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिकी एयरबेस पर हमला कब और क्यों किया?
ईरान की IRGC ने 28 मई 2026 को तड़के 4:50 बजे अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला किया। ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिका द्वारा बंदर अब्बास एयरपोर्ट के पास किए गए हवाई हमलों के जवाब में किया गया था।
इस तनाव के बीच कुवैत में क्या हलचल देखी गई?
ईरान के हमले के समय ही कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने भी अपने क्षेत्र की ओर आ रहे कुछ मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही रोक दिया, जिससे क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।