US Tech Companies पर ईरान का बड़ा हमला, UAE और Bahrain के डेटा सेंटर हुए तबाह, अब इन कंपनियों को बनाया गया टारगेट
ईरान ने अमेरिका और इसराइल से जुड़ी बड़ी टेक कंपनियों को अपना निशाना बनाने का ऐलान किया है। IRNA न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन कंपनियों को जासूसी और आतंकी हमलों की प्लानिंग में मदद करने वाला बताया है। हाल ही में UAE और बहरीन में इन कंपनियों के डेटा सेंटर्स पर ड्रोन हमले भी हुए हैं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया है।
किन टेक कंपनियों को ईरान ने बनाया अपना टारगेट?
IRGC ने Google, Microsoft, Amazon, Apple, Meta, Nvidia, Intel और Tesla जैसी बड़ी कंपनियों को अपनी लिस्ट में रखा है। ईरान का कहना है कि ये कंपनियां अमेरिका और इसराइल की मदद कर रही हैं और निगरानी के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं। ईरान ने साफ कहा है कि ये कंपनियां अब उनके हमलों का कानूनी शिकार बन सकती हैं।
UAE और Bahrain पर क्या असर हुआ?
अप्रैल 2026 की शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, बहरीन और UAE में अमेज़न के डेटा सेंटर्स पर ड्रोन से हमला हुआ जिससे उन्हें काफी नुकसान पहुँचा। इसके अलावा दुबई में Oracle के डेटा सेंटर को भी निशाना बनाया गया। IRGC के एक प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि आर्थिक केंद्रों और बैंकों के पास रहने वाले आम लोग कम से कम एक किलोमीटर की दूरी बनाए रखें ताकि वे किसी हादसे का शिकार न हों।
ईरान ने इस कदम के पीछे क्या वजह बताई?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका और इसराइल द्वारा थोपे गए युद्ध और हमलों की कड़ी आलोचना की है। ईरान का दावा है कि उसकी लीडरशिप और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है, इसलिए यह जवाबी कार्रवाई की जा रही है। इसी तनाव की वजह से Salesforce जैसी कंपनी ने इसराइल के ग्राहकों का बैकअप डेटा यूरोपीय संघ (EU) में भेजना शुरू कर दिया है।