ईरान की राजधानी तेहरान में उत्तरी हिस्से के Saadabad Palace कॉम्प्लेक्स के पास कई बड़े धमाकों की आवाज़ सुनी गई है। इज़राइली सेना (IDF) ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि उन्होंने तेहरान में ईरानी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर बड़े स्तर पर हमले किए हैं। यह कार्रवाई अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 17वें दिन हुई है। तेहरान के साथ-साथ पड़ोस के शहर Karaj में भी धुएं के गुबार देखे गए हैं।
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इज़राइली हमलों और ईरान की स्थिति पर ताजा जानकारी
इज़राइली सेना ने पुख्ता तौर पर कहा है कि उनके विमानों ने तेहरान के अंदर कई सैन्य और बुनियादी ढांचे वाली जगहों पर बमबारी की है। हमलों की वजह से शहर के आसमान में काला धुआं फैल गया है। इस संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी और अब यह 17वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इज़राइल का कहना है कि ये हमले ईरान की सैन्य शक्ति को कम करने के लिए किए गए हैं। दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री Abbasi ने साफ किया है कि तेहरान ने अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत की अपील नहीं की है और वे अपनी रक्षा करना जानते हैं।
दुनिया भर में तेल की कीमतों और बाज़ार पर असर
ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम आदमी की जेब और ग्लोबल मार्केट पर भी दिखने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई में बाधा आने का डर बढ़ गया है। इससे जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां नीचे टेबल में दी गई हैं:
| विवरण | ताजा स्थिति |
|---|---|
| कच्चे तेल (Brent Crude) का भाव | 104 डॉलर प्रति बैरल के पार |
| प्रभावित शहर | Tehran, Karaj, Isfahan |
| ऊर्जा सप्लाई का मुख्य केंद्र | Strait of Hormuz (20% सप्लाई) |
| ईरान का रुख | सीजफायर से इनकार |
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर फ्लाइट टिकटों और दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम पर पड़ता है। अभी तक किसी भी पक्ष ने जान-माल के नुकसान का कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।
