ईरान की राजधानी तेहरान में 2 अप्रैल 2026 को कई ज़ोरदार धमाके हुए हैं जिससे पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई है. इन धमाकों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से ईरान के सबसे बड़े पुल को नष्ट करने की जिम्मेदारी ली है. इस घटना के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बहुत बढ़ गया है क्योंकि दुबई और इसराइल जैसे देशों में भी ईरान की मिसाइलें पहुँच रही हैं जिन्हें डिफेंस सिस्टम की मदद से हवा में ही रोका जा रहा है.

तेहरान में हुए हमले और नुकसान की पूरी जानकारी क्या है?

ईरानी मीडिया और आधिकारिक बयानों के अनुसार तेहरान के उत्तरी, पूर्वी और मध्य हिस्सों में कई धमाकों की आवाज़ सुनी गई है. हमले में मुख्य रूप से बन रहे B1 ब्रिज को निशाना बनाया गया जिसमें दो लोगों की जान चली गई है. ईरान के सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाघरी ने कहा है कि उनके पास हथियारों का बड़ा भंडार है और वे इन हमलों से डरने वाले नहीं हैं. उन्होंने साफ़ किया है कि जब तक दुश्मन आत्मसमर्पण नहीं करता तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे.

अमेरिका और खाड़ी देशों पर इस युद्ध का क्या असर हो रहा है?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि आने वाले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर और भी बड़े हमले किए जाएंगे. इसका सीधा असर खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों पर भी पड़ रहा है. दुबई, बहरीन और कुवैत जैसे शहरों में मिसाइलें और ड्रोन देखे गए हैं जिससे वहां रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता है. दुबई में एयर डिफेंस ने ईरानी मिसाइलों को बीच रास्ते में ही मार गिराया है.

मौजूदा स्थिति से जुड़ी कुछ अहम बातें

घटना स्थल मुख्य अपडेट
तेहरान शहर के तीन अलग-अलग हिस्सों में धमाके दर्ज हुए.
B1 ब्रिज अमेरिकी हमले में पुल तबाह, 2 लोगों की मौत.
दुबई हवा में ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया.
अमेरिकी बयान ट्रंप ने कहा कि वे अपने रणनीतिक लक्ष्य के करीब हैं.
ईरानी सेना खालिद अल-अनबिया मुख्यालय ने और भी बड़े हमले की धमकी दी.

सऊदी अरब और अन्य पड़ोसी देशों के सूत्रों के मुताबिक ईरान अब इसराइल के साथ-साथ अन्य अरब देशों को भी निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कारोलिन लेविट ने कहा है कि ईरान के लिए सबसे अच्छा विकल्प यही है कि वह जल्द से जल्द कोई समझौता कर ले वरना अंजाम और बुरा हो सकता है.