ईरान की राजधानी तेहरान और पास के शहर करज में एक बार फिर जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। 2 अप्रैल 2026 को हुए इन धमाकों के बीच इज़राइली सेना ने जानकारी दी है कि ईरान की तरफ से उनकी सीमा में मिसाइलें दागी गई थीं जिन्हें रोकने के लिए कार्रवाई की गई। पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और कई ईरानी शहरों में लगातार धमाके होने की खबरें आ रही हैं।

हालिया हमलों में अब तक क्या-क्या हुआ?

ईरान में पिछले कुछ दिनों से हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और अलग-अलग शहरों से नुकसान की खबरें मिल रही हैं। धमाकों और हमलों की वजह से आम जनजीवन पर काफी असर पड़ा है।

  • 1 अप्रैल 2026: करज में एक चार मंजिला रिहायशी इमारत पर हमला हुआ जिसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 8 लोग घायल हुए।
  • मार्च 2026 के अंत में: तेहरान, करज, तबरीज़ और शिराज जैसे बड़े शहरों में कई बार धमाके दर्ज किए गए जिन्हें अमेरिकी और इज़राइली हमले बताया गया।
  • सैन्य ठिकाने: इज़राइली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उन्होंने तेहरान और पश्चिमी ईरान में हथियारों के ठिकानों और मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों को निशाना बनाया है।
  • इंटरनेट सेवाएं: हमलों के बीच ईरान के कई इलाकों में पिछले पांच हफ्तों से इंटरनेट बंद है जिससे सूचनाएं मिलने में दिक्कत हो रही है।

ईरान और खाड़ी देशों का इस पर क्या रुख है?

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ तौर पर कहा है कि अगर देश के बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया गया तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। ईरान की सैन्य कमांड ‘खातम अल-अंबिया’ ने भी अमेरिका और इज़राइल पर बड़े हमले की चेतावनी दी है। वहीं सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने भी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक खाड़ी देशों ने भी ईरान की तरफ से आने वाली मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने में भूमिका निभाई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल केंद्र को तबाह करने की पुष्टि की है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.