तेहरान में भारी विरोध प्रदर्शन, ईरान ने ठुकराई अमेरिका से बातचीत, हॉर्मुज जलडमरूमध्य फिर से हुआ बंद
तेहरान की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग उतरे और सरकार के समर्थन में नारेबाजी की. ये लोग अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों में हुई हजारों मौतों से नाराज थे. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ फिर से बातचीत शुरू करने का कड़ा विरोध किया. इसी बीच ईरान ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत करने से साफ मना कर दिया है.
ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत क्यों नहीं की?
ईरान ने 20 अप्रैल को अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत को खारिज कर दिया. सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा और अवास्तविक थीं. ईरान का कहना है कि अमेरिका ने युद्धविराम के नियमों को तोड़ा है और उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने इस नाकाबंदी को एक युद्ध अपराध बताया है.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से क्या असर होगा?
ईरान ने 19 अप्रैल को हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने का ऐलान किया. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी कि बिना अनुमति के यहां से गुजरने वाले जहाजों को दुश्मन का साथी माना जाएगा और उन्हें निशाना बनाया जाएगा. दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब तक पूरा सौदा पूरा नहीं हो जाता, नाकाबंदी जारी रहेगी. ट्रंप ने यह भी कहा कि इसराइल को लेबनान पर और हमले करने से रोका गया है.
| तारीख | घटना | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| 20 अप्रैल | तेहरान प्रदर्शन | अमेरिकी-इसराइली हमलों पर गुस्सा और बातचीत का विरोध |
| 20 अप्रैल | बातचीत खारिज | ईरान ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बात से मना किया |
| 19 अप्रैल | हॉर्मुज जलडमरूमध्य | ईरान ने समुद्री रास्ता फिर से बंद किया |
| 19 अप्रैल | आधिकारिक बयान | नाकाबंदी को गैरकानूनी और युद्ध अपराध बताया गया |
| 18 अप्रैल | यूरेनियम मामला | ईरान ने यूरेनियम अमेरिका को सौंपने से मना किया |
| 18 अप्रैल | ट्रंप का बयान | नाकाबंदी तब तक रहेगी जब तक सौदा 100% पूरा न हो |
| 19 अप्रैल | संसद स्पीकर | बातचीत में अभी भी बड़े मतभेद और गैप मौजूद हैं |