ईरान की राजधानी तेहरान में सरकार के समर्थन में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा है। एक तरफ जहाँ दुनिया की नजरें ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर हैं, वहीं अब देश के अंदर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कल यानी 29 अप्रैल को एक बहुत बड़ी रैली होने वाली है, जिसके जरिए सरकार अपनी ताकत दिखाना चाहती है।

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Mojtaba Khamenei के समर्थन में रैली और मौजूदा हालात क्या हैं?

तेहरान में बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को एक बड़ा सरकारी जमावड़ा आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का नाम “इमाम रज़ा का ईरान, मुज्तबा खामेनेई के प्रति निष्ठा” रखा गया है। आयोजकों का कहना है कि इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर मुज्तबा खामेनेई के प्रति अपनी वफादारी जताएंगे। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की 28 फरवरी को मौत की खबरें आईं थीं, लेकिन अभी तक उनका अंतिम संस्कार नहीं हुआ है और न ही मुज्तबा खामेनेई की कोई तस्वीर या ऑडियो मीडिया में आया है।

अमेरिका के साथ तनाव और आर्थिक संकट का क्या असर होगा?

ईरान इस समय भारी आर्थिक दबाव में है। सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि महंगाई और बेरोजगारी की वजह से लोग सड़कों पर उतर सकते हैं। मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • समुद्री नाकेबंदी: अमेरिका ने पिछले दो हफ्तों से ईरान की समुद्री नाकेबंदी कर रखी है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की अर्थव्यवस्था इसे केवल 6 से 8 हफ्ते और झेल पाएगी।
  • परमाणु विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रस्ताव से खुश नहीं हैं क्योंकि इसमें परमाणु कार्यक्रम का समाधान नहीं दिया गया है।
  • प्रतिबंधों का डर: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि जो कंपनियां ईरान की प्रतिबंधित एयरलाइनों के साथ काम करेंगी, उन पर अमेरिकी प्रतिबंध लग सकते हैं।

रूस की मध्यस्थता और IRGC की चेतावनी का क्या मतलब है?

ईरान ने इस मुश्किल घड़ी में रूस की तरफ हाथ बढ़ाया है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की, जहाँ रूस ने मध्य पूर्व में शांति बहाल करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। दूसरी ओर, ईरान की सरकारी संस्थाएं सख्त रुख अपनाए हुए हैं:

  • IRGC का बयान: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा है कि अगर अमेरिका ने अपनी नाकेबंदी और “लुटेरेपन” को जारी रखा, तो वे इसका करारा जवाब देंगे।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने साफ किया है कि जब तक अमेरिकी नाकेबंदी खत्म नहीं होती, विदेशी जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं मिलेगी।
  • सीजफायर की शर्त: संसदीय प्रवक्ता मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा है कि अमेरिका के साथ पूर्ण युद्धविराम तभी संभव है जब समुद्री नाकेबंदी हटाई जाए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में 29 अप्रैल को क्या होने वाला है?

29 अप्रैल को तेहरान में मुज्तबा खामेनेई के समर्थन में एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें जमीनी स्तर के संगठनों के बड़े पैमाने पर शामिल होने की उम्मीद है।

अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री नाकेबंदी को लेकर क्या विवाद है?

अमेरिका ने ईरान की समुद्री नाकेबंदी कर रखी है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है। ईरान का कहना है कि जब तक यह नाकेबंदी नहीं हटती, वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य को विदेशी जहाजों के लिए नहीं खोलेंगे।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.