ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित शहीद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी के लेजर और प्लाज्मा रिसर्च सेंटर पर शुक्रवार को बड़ा हवाई हमला हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इसराइल की सेनाओं ने इस सेंटर को निशाना बनाया जिससे वहां की इमारतों को काफी नुकसान पहुंचा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने इस हमले की पुष्टि की है और बताया कि यह हमला शुक्रवार दोपहर करीब 4 बजे हुआ, जब यूनिवर्सिटी परिसर में कामकाज चल रहा था।

यूनिवर्सिटी हमले से जुड़ी अहम बातें और नुकसान

इस हमले को लेकर ईरान की सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। हमले के बाद की स्थिति और अब तक हुए नुकसान का विवरण नीचे दिया गया है:

  • यह हमला 3 अप्रैल 2026 को शाम 4 बजे तेहरान के वेलनजक इलाके में हुआ।
  • रिसर्च सेंटर की इमारत को सीधा निशाना बनाया गया जिससे काफी भौतिक नुकसान हुआ है।
  • ईरान के शिक्षा मंत्री के मुताबिक, फरवरी के अंत से अब तक 30 से ज्यादा ईरानी यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया जा चुका है।
  • इन हमलों में अब तक 5 यूनिवर्सिटी प्रोफेसर और 60 से अधिक छात्रों की जान जा चुकी है।
  • ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने बताया कि यह सेंटर विशुद्ध रूप से वैज्ञानिक और रिसर्च कार्यों के लिए था।

ईरान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की इस पर प्रतिक्रिया

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस हमले को मानवता के खिलाफ अपराध बताया है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ-साथ रेड क्रॉस से इस पर कार्रवाई की अपील की है। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी दी है कि परमाणु ठिकानों पर लगातार हो रहे हमलों से पूरे क्षेत्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण फैलने का खतरा है। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की मांग की है। इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी पेट्रोकेमिकल प्लांटों पर हमले जारी रखने की पुष्टि की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com