ईरान की राजधानी तेहरान में हालात काफी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। वहां की Red Crescent टीमें अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने की कोशिश कर रही हैं। यह संकट अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 से चल रहे संघर्ष के कारण पैदा हुआ है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस सैन्य अभियान में आम नागरिकों और राहत कर्मियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ℹ️: FBI डायरेक्टर Kash Patel का निजी ईमेल हैक, ईरानी हैकर्स ने लीक किए फोटो और रिज्यूमे

इस युद्ध में अब तक कितना नुकसान हुआ है?

अंतरराष्ट्रीय संगठनों और स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में जान-माल का काफी नुकसान हुआ है। संघर्ष की शुरुआत से लेकर अब तक के आंकड़ों को नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

विवरण अनुमानित संख्या/स्थिति
कुल मौतें 1,900 से ज्यादा
घायल लोग लगभग 20,000
क्षतिग्रस्त नागरिक इमारतें 82,000
नष्ट हुई एम्बुलेंस लगभग 100
इंटरनेट की स्थिति देशव्यापी ब्लैकआउट
प्रभावित राहत केंद्र 17 Red Crescent सेंटर

अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने क्या कहा?

इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने 27 मार्च 2026 को बयान दिया कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और अधिक विस्तार दिया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ किया है कि वे इस मामले में अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं कर रहे हैं। मानवीय संगठनों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है:

  • Red Crescent के मुताबिक हमले में उनके 4 राहत कर्मियों की मौत हो चुकी है।
  • संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने बताया कि करीब 1,80,000 लोगों के घर इस युद्ध से प्रभावित हुए हैं।
  • ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि अरदकान और खोंडाब में उनके ठिकानों पर भी हमले हुए हैं।
  • नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल ने चेतावनी दी है कि आम नागरिक इस युद्ध की सबसे बड़ी कीमत चुका रहे हैं।
  • ईरान ने अपने नागरिकों को अमेरिकी सैन्य ठिकानों के पास वाले इलाकों से हटने की सलाह दी है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.