ईरान ने सऊदी अरब के Yanbu पोर्ट पर हमला करने की चेतावनी दी है। यह धमकी तब आई है जब ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका उसकी जमीन पर हमला करता है, तो वह चुप नहीं बैठेगा। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने आम लोगों को भी अमेरिकी सेना के पास जाने से मना किया है ताकि वे किसी खतरे में न पड़ें।
ईरान ने सऊदी के Yanbu पोर्ट और आम लोगों को लेकर क्या कहा है?
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने साफ तौर पर कहा है कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया, तो सऊदी अरब के लाल सागर तट पर स्थित Yanbu पोर्ट निशाना बन सकता है। इसके साथ ही, गार्ड्स ने मिडिल ईस्ट के लोगों को चेतावनी दी है कि वे उन होटलों और इलाकों से दूर रहें जहां अमेरिकी सैनिक ठहरे हुए हैं। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी और इजरायली सेना आम नागरिकों को ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर रही है, इसलिए लोगों को तुरंत उन जगहों से हट जाना चाहिए।
Yanbu पोर्ट पर पहले क्या हुआ और मौजूदा हालात क्या हैं?
- पुराने हमले: 10 अप्रैल 2026 के आसपास सऊदी अरब ने जानकारी दी थी कि ईरान के ड्रोन ने Yanbu के औद्योगिक शहर में तेल और गैस सुविधाओं पर हमला किया था। इससे सऊदी के कच्चे तेल के उत्पादन पर असर पड़ा था।
- हूती विद्रोहियों की धमकी: ईरान समर्थित हूती समूहों ने Bab el-Mandeb जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दी है। इससे सऊदी के तेल निर्यात में बड़ी बाधा आ सकती है।
- अमेरिकी नाकाबंदी: 13 अप्रैल 2026 से Strait of Hormuz में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी जारी है। सऊदी अरब ने इस नाकाबंदी को खत्म करने और बातचीत करने की अपील की है।
- सऊदी का जवाब: सऊदी अरब के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि Abdulaziz Alwasil ने ईरान की इन हरकतों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि देश अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने Yanbu पोर्ट पर हमला करने की धमकी क्यों दी?
ईरान ने यह धमकी इसलिए दी है ताकि अमेरिका उसकी जमीन पर कोई जमीनी हमला न करे। ईरान का कहना है कि अमेरिकी दखलंदाजी का जवाब वह सऊदी के पोर्ट पर हमला करके देगा।
Yanbu पोर्ट सऊदी अरब के लिए क्यों जरूरी है?
Strait of Hormuz में अमेरिकी नाकाबंदी के बाद Yanbu पोर्ट सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए मुख्य रास्ता बन गया है, इसलिए इस पर हमला सऊदी की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचा सकता है।