ईरान और अमेरिका के बीच जंग अब और तेज़ हो गई है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके बिजली घरों और पानी के प्लांट पर हमला किया, तो इसराइल को भी बख्शा नहीं जाएगा। दोनों देशों के बीच तनाव इतना बढ़ गया है कि अब बड़े युद्ध का खतरा मंडरा रहा है।
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ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohammad Bagher Zolghadr ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को यह चेतावनी दी। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस संकेत के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ईरान के बिजली उत्पादन केंद्रों और डिसेलिनेशन प्लांट (खारे पानी को मीठा करने वाले प्लांट) पर हमला करने की बात कही थी।
पिछले कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई और बढ़ गई है। बुधवार और गुरुवार (8-9 जुलाई) की रात अमेरिकी सेना ने ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर भारी हमले किए। पेंटागन ने कहा कि ये हमले इसलिए किए गए ताकि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जहाजों के रास्ते में बाधा न डाल सके।
वहीं ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने सिर्फ सैन्य ठिकानों पर ही नहीं, बल्कि पुलों और रेलवे लाइनों जैसे नागरिक इलाकों पर भी हमले किए हैं। ईरान ने दावा किया कि बुशेहर (Bushehr) परमाणु प्लांट के पास भी धमाके हुए, जिनमें 17 लोगों की जान गई। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने शिपिंग रूट में दखल दिया, तो इसका करारा जवाब दिया जाएगा।
दूसरी तरफ, इसराइल ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी, तो वे ईरान के खिलाफ और ज़्यादा ताकत के साथ सैन्य कार्रवाई करेंगे। इसराइल के चीफ ऑफ स्टाफ Lt. Gen. Eyal Zamir ने भी बताया कि उनकी सेना पूरी तरह अलर्ट पर है और ईरान और लेबनान की हर हरकत पर नज़र रखी जा रही है।
इस बीच, इसराइल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हिज़्बुल्लाह (Hezbollah) के हथियारों के गोदामों को भी तबाह कर दिया है। तनाव कम करने के लिए कतर (Qatar) के Negotiators शुक्रवार को ईरान पहुंचे हैं। इसी समय अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने खबर दी है कि ईरान ने राष्ट्रपति ट्रंप की हत्या की साजिश रची है।
