ईरान ने सऊदी अरब के यनबू (Yanbu) पोर्ट को निशाना बनाने की खुली धमकी दी है. ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका ने उसकी जमीन पर कोई जमीनी हमला किया, तो वह सऊदी के इस महत्वपूर्ण पोर्ट को तबाह कर देगा. इस तनाव के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने आम लोगों को भी अमेरिकी सेना के ठिकानों और उनके रुकने वाले होटलों से दूर रहने की सलाह दी है.

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ईरान ने यनबू पोर्ट और रिफाइनरी को क्यों बनाया निशाना?

ईरान ने यनबू को अपने एक खास मैप में शामिल किया है, जिसमें बाब अल-मंडेब और फुजैराह भी शामिल हैं. इसका मकसद सऊदी अरब के तेल निर्यात को रोकना है. इस मामले में कुछ अहम बातें नीचे दी गई हैं:

  • पुराना हमला: 19 मार्च 2026 को ईरान ने यनबू रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया था, जो सऊदी अरामको और एक्सॉनमोबिल का जॉइंट वेंचर है. हालांकि, इस हमले से कामकाज पर ज्यादा असर नहीं पड़ा था.
  • अधिकारियों के बयान: ईरान के उपराष्ट्रपति इस्माइल सघब इस्फहानी ने कहा कि फुजैराह और यनबू की तबाही उनके लिए महज एक एंट्री टिकट की तरह होगी, अगर अमेरिकी सेना ईरान की मिट्टी पर कदम रखती है.
  • रणनीतिक खतरा: ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने संकेत दिए कि बाब अल-मंडेब और पाइपलाइनों का इस्तेमाल कभी भी किया जा सकता है.

आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या चेतावनी जारी हुई?

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मिडिल ईस्ट में रहने वाले आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे उन जगहों को तुरंत खाली कर दें जहां अमेरिकी सेना तैनात है. उनका कहना है कि अमेरिकी और इजरायली सेना आम लोगों को ढाल के तौर पर इस्तेमाल कर रही हैं, इसलिए सुरक्षा के लिए दूर रहना जरूरी है.

  • हूतियों की भूमिका: ईरान से जुड़े हूती समूह ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य की घेराबंदी करने की धमकी दी है. अगर ऐसा होता है, तो यनबू पोर्ट के जरिए होने वाला सऊदी तेल निर्यात पूरी तरह रुक सकता है.
  • अन्य निशाने: ईरान ने लाल सागर में मौजूद अमेरिकी नौसेना के ठिकानों और USS जेराल्ड आर फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर से जुड़ी सर्विस सेंटरों को भी अपना टारगेट बताया है.
  • प्रवासियों पर असर: इस तरह के तनाव से सऊदी अरब और यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के बीच चिंता बढ़ सकती है, क्योंकि ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले से आर्थिक अस्थिरता आने का खतरा रहता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने यनबू पोर्ट पर हमले की धमकी क्यों दी?

ईरान ने यह चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका उसकी सीमा के अंदर जमीनी हमला करता है, तो वह सऊदी अरब के यनबू पोर्ट और अन्य ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाएगा.

क्या यनबू रिफाइनरी पर पहले भी हमला हुआ है?

हां, 19 मार्च 2026 को ईरान ने यनबू रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया था, लेकिन उस समय परिचालन पर बहुत कम प्रभाव पड़ा था.