ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने सऊदी अरब के रेड सी कोस्ट पर स्थित यानबू पोर्ट पर हमले की नई चेतावनी जारी की है। यह धमकी उस समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव की स्थिति बनी हुई है। ईरान ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका उसकी जमीन पर हमला करने की कोशिश करता है, तो वह सऊदी के तेल ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण बंदरगाहों को निशाना बनाएगा।

सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमले का क्या है खतरा?

सऊदी अरब का यानबू (Yanbu) पोर्ट और Samref रिफाइनरी तेल निर्यात के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं, जिन्हें नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:

तारीख प्रमुख घटना
19-20 मार्च 2026 यानबू रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे तेल निर्यात कुछ समय के लिए रुका।
22 मार्च 2026 सऊदी अरब ने ईरान के सैन्य अधिकारियों और दूतावास के स्टाफ को देश से निकाला।
27 मार्च 2026 ईरान ने यानबू और यूएई के फुजैराह पोर्ट पर हमले की नई धमकी दी।
29 मार्च 2026 हुथी विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं और रेड सी में खतरा बढ़ाया।
30 मार्च 2026 सऊदी के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरानी हमले में अमेरिकी सैनिक घायल हुए।

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि तेहरान के साथ भरोसा पूरी तरह टूट चुका है। यानबू पोर्ट सऊदी अरब के लिए इसलिए भी जरूरी है क्योंकि यह होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के रूप में तेल भेजने का काम करता है।

आम नागरिकों और प्रवासियों के लिए क्या निर्देश जारी हुए?

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मध्य पूर्व में रह रहे आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। इसमें लोगों को कुछ विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है:

  • अमेरिकी ठिकानों से दूरी: लोगों को सलाह दी गई है कि वे अमेरिकी सेना के बेस और उनके ठिकानों के पास न जाएं।
  • होटलों से परहेज: उन होटलों में रुकने से बचने को कहा गया है जहाँ अमेरिकी सैन्य अधिकारी या कर्मचारी ठहरते हैं।
  • न्यूक्लियर प्लांट: ईरान ने अपने परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी तुरंत जगह खाली करने के लिए कहा है।
  • सुरक्षा की मांग: सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन ने साझा बयान जारी कर इन हमलों की निंदा की है और आत्मरक्षा की बात कही है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह 6 अप्रैल तक होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खोल दे, वरना गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। खाड़ी देशों में बढ़ते इस तनाव का असर वहां रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों और उनके काम पर भी पड़ सकता है, क्योंकि तेल की कीमतों और सुरक्षा स्थिति में बदलाव की संभावना है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com