खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और युद्ध जैसे हालात बन रहे हैं। ईरान की सेना ने सऊदी अरब की Aramco रिफाइनरी सहित कई महत्वपूर्ण ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की सीधी चेतावनी दी है। हाल ही में सऊदी अरब के Yanbu में स्थित SAMREF रिफाइनरी पर एक ईरानी ड्रोन गिरा है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह अमेरिका और इज़राइल के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा।

किन-किन ठिकानों को दी गई है हमले की चेतावनी?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों को औपचारिक निकासी चेतावनी जारी की है। इसमें सऊदी अरब, कतर और यूएई के प्रमुख तेल और गैस ठिकानों को खाली करने के लिए कहा गया है। ईरान ने इन ठिकानों को वैध लक्ष्य घोषित किया है और कहा है कि इन्हें किसी भी समय निशाना बनाया जा सकता है।

देश निशाने पर मौजूद प्रमुख ठिकाने
Saudi Arabia SAMREF रिफाइनरी और Jubail पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स
Qatar Ras Laffan और Mesaieed ऊर्जा केंद्र
UAE Al Hosn गैस प्रोजेक्ट

अमेरिका और इज़राइल की जवाबी कार्रवाई और खतरा

इज़राइल ने हाल ही में ईरान के South Pars गैस फील्ड पर हवाई हमला किया था, जिससे वहां की प्रोसेसिंग क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही इज़राइल ने ईरान के कुछ बड़े अधिकारियों को भी निशाना बनाया है। इस घटनाक्रम के बाद ईरान ने अमेरिका के USS Gerald R Ford और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भी हमले की धमकी दी है।

  • अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े हमले की तैयारी शुरू की है
  • यूएई ने इन हमलों को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है
  • ईरान ने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी रडार केंद्रों को नष्ट करने का दावा किया है
  • सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए स्थिति चिंताजनक बनी हुई है