ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने सऊदी अरब के Yanbu पोर्ट को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। यह धमकी अमेरिका द्वारा ईरान की जमीन पर संभावित हमले के जवाब में दी गई है। इस तनाव का सीधा असर मिडिल ईस्ट की सुरक्षा और दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर पड़ सकता है।

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Yanbu पोर्ट और तेल निर्यात पर क्या होगा असर?

सऊदी अरब के लिए Yanbu पोर्ट इस समय बहुत अहम है क्योंकि Strait of Hormuz में तनाव के कारण तेल भेजने के लिए यह एक मुख्य विकल्प बन गया है। मार्च 2026 में यहां से रोजाना करीब 40 लाख से 43 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा गया था। ईरान के समर्थित हूती विद्रोही Bab el-Mandeb जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी दे रहे हैं। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो सऊदी अरब का तेल निर्यात बुरी तरह प्रभावित होगा।

ईरान की चेतावनी और अब तक के हमले

ईरान की IRGC ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया तो Yanbu पोर्ट पर हमला होगा। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों को अमेरिकी सैनिकों के पास रहने वाले होटलों और इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। इससे पहले 19 मार्च को Yanbu की Samref रिफाइनरी पर हमला हुआ था और 20 मार्च को सऊदी डिफेंस सिस्टम ने एक बैलिस्टिक मिसाइल और कई ड्रोन को हवा में ही मार गिराया था। 10 अप्रैल को भी सऊदी ने तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर ड्रोन हमलों की रिपोर्ट दी थी।

क्षेत्रीय सुरक्षा और वर्तमान स्थिति

IRGC ने ऐलान किया है कि उसकी सेना किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। 22 अप्रैल 2026 को ईरान ने अपनी तैयारी को पीक लेवल पर बताया और सऊदी ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की बात कही। इस स्थिति के कारण सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि तेल रिफाइनरी और बंदरगाहों को सुरक्षित रखा जा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.