खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि ईरान ने सऊदी अरब के Yanbu पोर्ट और वहां मौजूद SAMREF रिफाइनरी पर हमले तेज कर दिए हैं। 3 अप्रैल 2026 को हुए एक ड्रोन हमले के बाद ईरान के Revolutionary Guards (IRGC) ने नई धमकियां जारी की हैं। इस स्थिति को देखते हुए सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हो गई हैं।

हमलों और डिफेंस सिस्टम की कार्रवाई से जुड़ी अहम जानकारी

  • 3 अप्रैल 2026 को ईरान के एक Shahed ड्रोन ने Yanbu में स्थित SAMREF रिफाइनरी को निशाना बनाया।
  • सऊदी अरब में तैनात ग्रीक PAC-3 Patriot बैटरी ने दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।
  • ईरान ने इन हमलों को इसराइल द्वारा किए गए हमलों का बदला बताया है।
  • संयुक्त राष्ट्र और खाड़ी देशों (GCC) ने नागरिक ठिकानों पर हुए इन हमलों की कड़ी निंदा की है।

ईरान की नई धमकियां और अमेरिका का सख्त रुख

ईरान के Revolutionary Guards ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने उसकी जमीन पर हमला किया तो वह Yanbu पोर्ट पर और भी बड़े हमले करेगा। ईरान ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अमेरिकी सैनिकों के रहने वाले होटलों से दूर रहें। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि वह या तो समझौता करे या Strait of Hormuz को पूरी तरह खोल दे।

क्षेत्र में हालिया तनाव की समयरेखा

  • 27 मार्च 2026
  • तारीख मुख्य घटना
    19 मार्च 2026 ईरान ने सऊदी, UAE और कतर की तेल रिफाइनरियों को खाली करने की चेतावनी दी।
    सऊदी अरब ने अमेरिका से ईरान के खिलाफ कार्रवाई तेज करने को कहा।
    3 अप्रैल 2026 Yanbu में SAMREF रिफाइनरी पर ड्रोन और मिसाइल हमला हुआ।
    5 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरान को 48 घंटे के भीतर समझौता करने की चेतावनी दी।

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने कहा है कि ईरान के साथ विश्वास पूरी तरह से खत्म हो गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि तेल रिफाइनरियों और औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में विदेशी कर्मचारी काम करते हैं। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।