ईरान ने सऊदी अरब के Yanbu पोर्ट और वहां की तेल सुविधाओं पर हमले की गंभीर धमकी दी है। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका ने उसके इलाके में जमीनी हमला किया तो वह सऊदी के तेल ठिकानों को निशाना बनाएगा। इस तनाव की वजह से अब पूरे मिडिल ईस्ट में हलचल तेज हो गई है और लोग डरे हुए हैं।
ईरान ने सऊदी अरब के किन ठिकानों को निशाने पर लिया है?
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अपने संभावित हमलों की लिस्ट को बढ़ा दिया है। इसमें मुख्य रूप से ये जगहें शामिल हैं:
- Yanbu पोर्ट: यह सऊदी अरब का महत्वपूर्ण पोर्ट है जहां से फिलहाल रोजाना करीब 70 लाख बैरल कच्चा तेल भेजा जा रहा है।
- तेल सुविधाएं: सऊदी अरब के तेल कुओं और अन्य एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करने की बात कही गई है।
- अन्य इलाके: ईरान ने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य और UAE के फुजैराह पोर्ट को भी अपनी लिस्ट में रखा है।
ईरानी अधिकारियों ने क्या चेतावनी दी है?
ईरान के बड़े अधिकारियों ने खुले तौर पर अपनी रणनीति के बारे में बताया है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के डिप्टी एस्माइल सकब एस्फहानी ने कहा कि उनके पास सऊदी तेल ठिकानों की एक तैयार लिस्ट है और अगर ईरान के तेल कुओं पर हमला हुआ तो वह उसी तरह जवाब देंगे। वहीं, खतम अल अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही अलीआबादी ने चेतावनी दी कि अगर ईरानी जहाजों को रोका गया तो वह रेड सी (लाल सागर) में आयात और निर्यात पूरी तरह बंद कर देंगे।
आम लोगों और प्रवासियों के लिए क्या निर्देश हैं?
तनाव को देखते हुए रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मिडिल ईस्ट में रहने वाले आम नागरिकों के लिए कुछ जरूरी चेतावनी जारी की है। उन्होंने लोगों से कहा है कि वे उन जगहों से दूर रहें जहां अमेरिकी सेना तैनात है। साथ ही, उन होटलों में रुकने से बचने की सलाह दी गई है जहां अमेरिकी सैन्य कर्मी ठहरते हैं ताकि किसी भी हमले की स्थिति में आम लोगों को नुकसान न पहुंचे।