ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ईरान ने सऊदी अरब के लाल सागर तट पर स्थित यनबु पोर्ट को निशाना बनाने की धमकी दी है। इस विवाद का सीधा असर दुनिया भर के तेल बाजार और मिडिल ईस्ट की शांति पर पड़ सकता है, जिससे आम लोगों और प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है।
यनबु पोर्ट पर हमले की धमकी और सऊदी अरब की चिंता
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान की जमीन पर हमला किया, तो वे सऊदी अरब के यनबु पोर्ट पर हमला करेंगे। सऊदी अरब का धैर्य अब कम हो रहा है क्योंकि ईरान ने Strait of Hormuz पर नियंत्रण कर रखा है। साथ ही, East-West Pipeline पर भी हमले हुए हैं, जो पाइपलाइन यनबु पोर्ट पर खत्म होती है और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का विकल्प है। ईरान ने मिडिल ईस्ट में रहने वाले आम लोगों को भी अमेरिकी सेना के पास जाने और उन होटलों से दूर रहने की सलाह दी है जहां अमेरिकी सैनिक ठहरते हैं।
तेल बाजार में भारी नुकसान और टैंकर विवाद
सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने जानकारी दी कि पिछले दो महीनों में दुनिया ने करीब एक अरब बैरल तेल खो दिया है। यह भारी नुकसान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने और अमेरिका व इजराइल के साथ चल रहे संघर्ष के कारण हुआ है। वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने 10 मई 2026 को धमकी दी कि अगर उनके तेल टैंकरों पर हमला हुआ, तो वे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएंगे। यह धमकी तब आई जब ओमान की खाड़ी में दो ईरानी टैंकरों पर अमेरिकी हमलों की खबरें आईं।
शांति की कोशिशें और गुप्त गठबंधन की चर्चा
इतने तनाव के बीच सऊदी अरब और ईरान के बीच बातचीत की खबरें भी आ रही हैं। सऊदी Foreign Minister फज़ल बिन फरहान और ईरान के Foreign Minister अब्बास अराघची के बीच क्षेत्रीय समन्वय को लेकर चर्चा हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देश एक गुप्त गठबंधन बना सकते हैं ताकि पश्चिमी देशों के सैन्य हस्तक्षेप को कम किया जा सके। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान के जवाब का इंतजार कर रहे हैं और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने यनबु पोर्ट को निशाना बनाने की धमकी क्यों दी
ईरान ने यह धमकी दी कि यदि अमेरिका उसकी जमीन पर जमीनी हमला करता है, तो वह सऊदी अरब के यनबु पोर्ट पर हमला करेगा।
तेल बाजार पर इस तनाव का क्या असर हुआ है
सऊदी अरामको के CEO के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने और संघर्ष की वजह से पिछले दो महीनों में करीब एक अरब बैरल तेल का नुकसान हुआ है।
