ईरान और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने सऊदी अरब के Yanbu पोर्ट पर हमला करने की धमकी दी है, अगर अमेरिका ने ईरान की ज़मीन पर ज़मीनी हमला किया। इस धमकी के साथ ही ईरान के Revolutionary Guards ने मिडिल ईस्ट के आम नागरिकों को अमेरिकी सेना से दूर रहने की सलाह दी है।
Yanbu पोर्ट पर हमले की धमकी और ईरान की चेतावनी
ईरान के Revolutionary Guards ने साफ़ तौर पर कहा है कि अगर अमेरिका ने ईरान के इलाके में ज़मीनी हमला किया, तो वे सऊदी अरब के Yanbu पोर्ट को निशाना बनाएंगे। ईरान ने आम लोगों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी सेना के ठिकानों और उन होटलों से दूर रहें जहाँ अमेरिकी सैन्यकर्मी रुकते हैं। ईरान का आरोप है कि अमेरिकी और इजरायली सेना आम नागरिकों को मानवीय ढाल की तरह इस्तेमाल कर रही है, इसलिए लोगों को तुरंत इन जगहों से हट जाना चाहिए।
सऊदी अरब में अब तक हुए हमलों की जानकारी
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि 19 मार्च 2026 को Yanbu पोर्ट की ओर आ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट कर गिराया गया था। इसी दौरान Yanbu के SAMREF रिफाइनरी पर एक ड्रोन हमला भी हुआ था। इसके बाद 8 अप्रैल 2026 को ईरान ने सऊदी अरब की East-West Pipeline पर हमला किया, जो Yanbu पोर्ट को तेल पहुँचाती है। Saudi Foreign Ministry ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेहरान के साथ भरोसा अब पूरी तरह खत्म हो चुका है।
अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा स्थिति
अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने 5-6 मई 2026 को बयान दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अभी खत्म नहीं हुआ है, भले ही Strait of Hormuz में मिसाइलों और ड्रोन्स की झड़पें हुई हों। दूसरी तरफ, ईरान के Revolutionary Guards ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz में नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों को ज़बरदस्ती रोका जाएगा। Yanbu पोर्ट की अहमियत इसलिए बढ़ गई है क्योंकि यह ईरान द्वारा Strait of Hormuz की नाकेबंदी के समय तेल निर्यात का एक वैकल्पिक रास्ता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Yanbu पोर्ट सऊदी अरब के लिए क्यों महत्वपूर्ण है
Yanbu पोर्ट तेल निर्यात का एक बड़ा विकल्प है। जब ईरान Strait of Hormuz में नाकेबंदी करता है, तब यह पोर्ट तेल भेजने का मुख्य रास्ता बन जाता है।
ईरान ने आम नागरिकों को क्या सलाह दी है
ईरान के Revolutionary Guards ने लोगों को उन इलाकों और होटलों से दूर रहने को कहा है जहाँ अमेरिकी सेना तैनात है, ताकि वे किसी हमले की चपेट में न आएँ।