ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपनी शर्तों का उल्लंघन करना बंद नहीं किया, तो वह जून 2026 में हुए समझौते (MoU) को खत्म कर देगा। यह धमकी 11 जुलाई 2026 को दी गई, जबकि समझौता हुए अभी सिर्फ 22 दिन ही हुए हैं।
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सोशल मीडिया पर बताया कि अमेरिका ने समझौते के पैराग्राफ 9 का उल्लंघन किया है और नए प्रतिबंध लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपना वादा निभाया है, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने नियमों को तोड़ा है। पैराग्राफ 9 के तहत ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम की स्थिति वैसी ही रखनी थी, जबकि अमेरिका को नए प्रतिबंध नहीं लगाने थे और न ही अपनी सेना बढ़ानी थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने दावा किया कि अमेरिका ने कई अन्य नियमों को भी तोड़ा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने सैन्य हमले किए और ईरान के तेल बेचने के लाइसेंस को रद्द कर दिया। साथ ही, Strait of Hormuz में सुरक्षित रास्ते के नियमों की अनदेखी की गई। ईरान के UN प्रतिनिधि Saeed Iravani ने कहा कि 7 और 8 जुलाई को ईरानी द्वीपों और शहरों पर हुए हमले समझौते का खुला उल्लंघन हैं, जिसके बाद ईरान अब इस समझौते से बंधा नहीं रहेगा।
दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 11 जुलाई को ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) को खत्म घोषित कर दिया। हालांकि, उन्होंने बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है, लेकिन चेतावनी दी कि अगर उन पर हमला हुआ तो करारा जवाब दिया जाएगा। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने Ali Ansari नाम के व्यक्ति पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिस पर सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei और अन्य रसूखदार लोगों की मदद करने का आरोप है। अमेरिका ने इन प्रतिबंधों को जहाजों पर हुए हमलों का जवाब बताया है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ईरान ने निजी तौर पर यह बात कही है कि Strait of Hormuz में जहाजों पर फायरिंग एक गलती थी। ईरान ने बताया कि यह काम कुछ कट्टरपंथियों ने किया ताकि बातचीत खराब हो सके और वे अभी भी बातचीत जारी रखना चाहते हैं। हालांकि, ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान इस गलती को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करे। इस बीच, मामले को सुलझाने के लिए Qatar और Oman बीच-बचाव की कोशिश कर रहे हैं और बातचीत के दौर जारी हैं।
