ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। ईरान ने साफ़ तौर पर कहा है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास युद्धपोतों की तैनाती करना संकट को बढ़ाना है। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उन पर दबाव बढ़ाया गया, तो इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को अनिश्चित काल के लिए बंद किया जा सकता है।
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ईरान ने क्या चेतावनी दी और क्या तैयारी की है?
ईरानी राजनयिक Kazem Gharibabadi ने कहा कि जहाजों की सुरक्षा के नाम पर यहाँ युद्धपोत तैनात करना केवल तनाव बढ़ाना है। इसके अलावा ईरान के अन्य बड़े अधिकारियों ने भी कड़े बयान दिए हैं:
- IRGC नेवी कमांडर Saeed Siah-Sarani ने कहा कि अगर ईरान पर हमला हुआ, तो वह इस रास्ते से तेल के जहाजों को नहीं जाने देगा।
- नेवी कमांडर Shahram Irani ने बताया कि उन्होंने समुद्र के नीचे ऐसी पनडुब्बियां तैनात कर दी हैं जो लंबे समय तक एक जगह रहकर दुश्मन के जहाजों को नष्ट कर सकती हैं।
- ब्रिगेडियर जनरल Seyyed Majid Mousavi ने एलान किया कि ईरान की मिसाइलें और ड्रोन अमेरिकी संपत्तियों और दुश्मन के जहाजों पर लॉक हैं और बस आदेश का इंतज़ार कर रहे हैं।
- सेना के प्रवक्ता Abolfazl Shekarchi ने चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने वाले किसी भी देश को करारा जवाब मिलेगा।
अमेरिका और अन्य देशों का इस स्थिति पर क्या कहना है?
ईरान की इन धमकियों के बीच अमेरिका और उसके साथी देश अपनी तैयारी कर रहे हैं। इस मामले में मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि ईरान को इस समुद्री रास्ते पर कब्ज़ा करने देना एक गलत और खतरनाक मिसाल होगी, जिसे अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा।
- राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि अमेरिकी नौसेना के तीन युद्धपोत हमलों का सामना करते हुए इस रास्ते से गुजरे और उन्होंने ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान पहुँचाया।
- ब्रिटेन ने अपने एयर डिफेंस डिस्ट्रॉयर HMS Dragon को मिडिल ईस्ट भेज दिया है ताकि जहाजों की सुरक्षा की जा सके।
- फ्रांस ने भी रेड सी में अपना कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात किया है और ब्रिटेन के साथ मिलकर सुरक्षा योजना बना रहा है।
- कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने कहा कि जहाजों के आने-जाने की आज़ादी से समझौता नहीं किया जा सकता और रास्ता बंद करना संकट को और गहरा करेगा।
अंतरराष्ट्रीय कानून और आम लोगों पर असर
समुद्री कानूनों (UNCLOS) के मुताबिक होर्मुज़ जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है। नियम यह है कि यहाँ सभी देशों के जहाजों और विमानों को बिना किसी देरी के आने-जाने की अनुमति होनी चाहिए। ईरान इस नियम को नहीं मानता और कहता है कि वह तय करेगा कि कौन सा जहाज अंदर आएगा।
खलीज देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और व्यापारियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है। अगर यह रास्ता बंद होता है या यहाँ युद्ध जैसी स्थिति बनती है, तो इससे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है और सामान की आवाजाही रुक सकती है, जिसका सीधा असर महंगाई और व्यापार पर पड़ेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है जहाँ से वैश्विक तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। अगर यह बंद होता है, तो दुनिया भर में तेल की कमी हो सकती है और कीमतें बढ़ सकती हैं।
क्या ईरान कानूनी तौर पर इस रास्ते को बंद कर सकता है?
अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत ईरान इसे बंद नहीं कर सकता क्योंकि यह एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। हालांकि, ईरान इस कानून को मानने से इनकार करता है।
