Iran ने दी चेतावनी, अमेरिका की पाबंदियों के जवाब में हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल निर्यात करेंगे बंद.

खाड़ी देशों में तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है और ईरान ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर मौजूदा आर्थिक युद्ध बंद नहीं हुआ तो वह फारस की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सभी तेल का निर्यात पूरी तरह से रोक देगा। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को यह बड़ा बयान दिया है और साफ कर दिया है कि जो भी देश अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों का समर्थन करेगा, उसे ईरान के खिलाफ सीधा युद्ध माना जाएगा।
अमेरिका के वित्त सचिव स्कॉट बेसेन्ट जल्द ही नए प्रतिबंधों का ऐलान करने वाले हैं जिसे वाशिंगटन ने आर्थिक डी-डे का नाम दिया है और इसे अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला बताया जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन का मुख्य मकसद उन देशों को निशाना बनाना है जो ईरान के वित्तीय सिस्टम के साथ लगातार व्यापार कर रहे हैं। इस ताजा तनाव की वजह से आम आदमी और विदेशों में रहने वाले लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया है क्योंकि इससे तेल की कीमतों और बाजार पर सीधा असर पड़ सकता है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने अमेरिकी प्रतिबंधों को पूरी तरह से असरहीन बताया है जबकि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता सरदार मोहेबी का कहना है कि यह आर्थिक घेराबंदी अमेरिका की सैन्य मोर्चे पर बहुत बड़ी हार को दर्शाती है। दोनों देशों के बीच यह तनातनी उस समय से लगातार बनी हुई है जब छह महीने पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने हमले किए थे, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जे को लेकर हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। 23 अगस्त को ईरान के फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण ने चेतावनी जारी की थी कि जो भी जहाज नियमों का पालन नहीं करेगा, उसे जब्त किया जा सकता है, हिरासत में लिया जा सकता है या फिर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रूप ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की इच्छा जताई है।
समुद्री यातायात पर कड़ा पहरा
अमेरिकी सेंट्रल कमान की रिपोर्ट के मुताबिक इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह से रुक गई है और अधिकारियों ने नौसेना की नाकेबंदी को लागू करने के लिए 70 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया है, 3 जहाजों को निष्क्रिय कर दिया है और 2 जहाजों पर बोर्डिंग की है। हालांकि दोनों पक्षों के बीच इस क्षेत्रीय युद्ध को खत्म करने के लिए 18 जून 2026 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन ताजा घटनाओं से साफ पता चलता है कि तनाव को कम करने के सभी प्रयास पूरी तरह से विफल हो चुके हैं।