ईरान में माहौल बहुत तनावपूर्ण हो गया है। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान ने अमेरिका और इसराइल को कड़ी चेतावनी दी है। IRGC के कमांडर अहमद वहिदी ने कहा है कि इस हमले का बदला ज़रूर लिया जाएगा और इसे इतिहास में कभी भुलाया नहीं जाएगा।
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को तेहरान पर हुए एक हवाई हमले में हुई थी। यह हमला अमेरिका और इसराइल ने मिलकर किया था। उनका अंतिम संस्कार 9 और 10 जुलाई 2026 को उनके गृहनगर मश्हद में पूरा हुआ, जिसके बाद अब ईरान बदला लेने की बात कर रहा है।
इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 10 जुलाई को ईरान के साथ चल रहे 60 दिनों के युद्धविराम को खत्म कर दिया है। ट्रम्प ने इसका कारण होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) में ईरान द्वारा व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमले को बताया है।
सैन्य कार्रवाई की बात करें तो 8 जुलाई को अमेरिकी सेना ने ईरान के 80 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किया। इसमें एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड नेटवर्क और IRGC की नावों को निशाना बनाया गया। ईरान के मुताबिक इन हमलों में 17 लोग मारे गए और तेहरान से मश्हद के बीच की रेलवे लाइन को भी निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत, बहरीन और कतर में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए, जबकि जॉर्डन में मिसाइलों को रोक लिया गया।
ईरान के नौसेना कमांडर अली अजमाई, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी जवाबी कार्रवाई का वादा किया है। दूसरी तरफ, इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा है कि इसराइल और भी ज़्यादा ताकत के साथ सैन्य अभियान शुरू करने के लिए तैयार है।
बढ़ते तनाव के बीच खबर है कि ईरानी नेता अब अपनी परमाणु नीति (nuclear doctrine) की समीक्षा कर रहे हैं, जिसमें परमाणु तकनीक का सैन्य इस्तेमाल करना भी शामिल हो सकता है। साथ ही, होर्मुज जलमार्ग के रास्तों पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच विवाद जारी है। हालांकि, कुछ अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ अभी भी वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं।
