US-Iran Tension: अमेरिका की नाकेबंदी पर भड़का ईरान, बोला जहाजों को डुबो देंगे और व्यापार रोक देंगे

अमेरिका की नाकेबंदी की खबरों ने मध्य पूर्व में तनाव बहुत बढ़ा दिया है। ईरान ने इस पर बहुत तीखी प्रतिक्रिया दी है और चेतावनी दी है कि वह व्यापारिक रास्तों को बंद कर सकता है। अगर अमेरिका अपने फैसले से पीछे नहीं हटा तो दुनिया भर में तेल और सामान की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।

📰: ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, होर्मुज जलडमरूमध्य में पुलिसिंग की तो डुबो दिए जाएंगे अमेरिकी जहाज

ईरान के नेताओं ने क्या चेतावनी दी?

ईरानी सेना के केंद्रीय कमांड सेंटर के प्रमुख Ali Abdollahi ने साफ किया कि अगर वॉशिंगटन पीछे नहीं हटता है, तो ईरान अरब खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर में किसी भी तरह के आयात और निर्यात को जारी नहीं रहने देगा। वहीं वरिष्ठ नेता Mohsin Rezaei ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला बोलते हुए कहा कि नाकेबंदी की कार्रवाई उकसाने वाली है। उन्होंने धमकी दी कि यदि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला करता है, तो ईरान अमेरिकी जहाजों को डुबो देगा। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी साफ कर दिया कि ईरान की नीति प्रतिरोध की है और वह अमेरिका के साथ बातचीत नहीं करना चाहता।

अमेरिका का रुख और दुनिया पर असर

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान के साथ यह संघर्ष अब खत्म होने के करीब है और अमेरिका नाकेबंदी के मामले में अच्छा काम कर रहा है। हालांकि उन्होंने पहले संघर्ष विराम समझौते को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। इस तनाव को देखते हुए अमेरिका ने मध्य पूर्व में हजारों सैनिकों और विमान वाहक पोतों को तैनात करने की योजना बनाई है। जानकारों का कहना है कि अगर ये समुद्री मार्ग बंद हुए तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बहुत बढ़ सकती हैं।

तनाव के मुख्य घटनाक्रम

तारीख मुख्य घटना
15 अप्रैल 2026 ईरान ने व्यापार मार्ग रोकने की चेतावनी दी, अमेरिका ने होर्मुज में 10,000 कमांडो तैनात किए।
16 अप्रैल 2026 ईरान ने लाल सागर और फारस की खाड़ी को अवरुद्ध करने की धमकी दोहराई, अमेरिकी सैन्य तैनाती की योजना बनी।
17 अप्रैल 2026 डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने का संकेत दिया, Mohsin Rezaei ने अमेरिकी जहाजों को डुबोने की धमकी दी।
शांति प्रयास पाकिस्तान ने 15 सूत्री शांति योजना भेजी जिसे ईरान ने अनुचित बताकर खारिज कर दिया।
रूस की भूमिका राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मध्य पूर्व में स्थायी समाधान के लिए मदद की इच्छा जताई।
इज़राइल की स्थिति इज़राइली सेना युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है और बुनियादी ढांचे पर हमलों का खतरा बना हुआ है।