मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका के विशाल विमान वाहक पोत USS Abraham Lincoln को अपनी हाइपरसोनिक मिसाइलों से डुबोने की सीधी धमकी दी है। इसके जवाब में अमेरिका ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और अपना नेवल स्ट्राइक ग्रुप उत्तरी अरब सागर में तैनात कर दिया है। 1 फरवरी 2026 को जहां एक तरफ ईरान ने बातचीत के संकेत दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ समुद्र में अपनी मिलिट्री ड्रिल भी शुरू कर दी है।

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हाइपरसोनिक मिसाइल से हमले की चेतावनी

ईरान की तरफ से यह चेतावनी 25 जनवरी को जारी की गई थी। इसमें कहा गया कि अगर उन्हें उकसाया गया तो वे अपने आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अपनी फत्ताह-1 और फत्ताह-2 मिसाइलों का जिक्र किया है।

  • ईरान का दावा है कि ये मिसाइलें मैक 15 की रफ़्तार से उड़ सकती हैं।
  • ये मिसाइलें अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम को भी चकमा देने में सक्षम बताई जा रही हैं।
  • हालांकि, रक्षा जानकारों का मानना है कि समुद्र में चलते हुए जहाज पर सटीक निशाना लगाने के लिए रीयल-टाइम सैटेलाइट डेटा की जरुरत होती है, जो अभी ईरान के लिए एक चुनौती हो सकती है।

अमेरिका ने तैनात किया अपना जंगी बेड़ा

अमेरिका ने भी इस धमकी को हल्के में नहीं लिया है। USS Abraham Lincoln के साथ कई खतरनाक युद्धपोत भी तैनात किए गए हैं। यह ग्रुप फारस की खाड़ी के संकरे रास्ते से दूर उत्तरी अरब सागर में मौजूद है ताकि किसी भी मिसाइल हमले से अपना बचाव कर सके।

अमेरिका के बेड़े में शामिल जहाज:

  • USS Abraham Lincoln (CVN-72)
  • USS Frank E. Petersen Jr. (DDG-121)
  • USS Spruance (DDG-111)
  • USS Michael Murphy (DDG-112)

इस बीच, 1 फरवरी से ईरान की नेवी ने होर्मुज की खाड़ी में दो दिन की लाइव फायरिंग एक्सरसाइज शुरू कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान को चेतावनी दी है कि वे इस दौरान कोई भी असुरक्षित हरकत न करें। हालांकि, राजनीतिक स्तर पर थोड़ी राहत की खबर है कि दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया भी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.