ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में अब एक बड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी हो रही है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने दक्षिणी शहर मीनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए घातक मिसाइल हमले के लिए अमेरिका और इजरायल से हर्जाना वसूलेगा। रूस में ईरान के राजदूत Kazem Jalali ने कहा कि इस हमले में हुए हर नुकसान का हिसाब लिया जाएगा और हमलावरों को इसकी कीमत चुकानी होगी। यह हमला फरवरी के आखिर में हुआ था जिसने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था।

मीनाब स्कूल हमले की पूरी जानकारी क्या है?

यह दुखद घटना 28 फरवरी 2026 को मीनाब शहर के शजरेह तैयबा प्राइमरी स्कूल में हुई थी। इस हमले में मरने वालों का आंकड़ा 180 के पार पहुंच गया है, जिनमें ज्यादातर 7 से 12 साल की मासूम बच्चियां थीं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्ट बताती है कि स्कूल पर तीन बार मिसाइलें दागी गई थीं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें अमेरिकी Tomahawk मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। इस हमले में घायल हुए करीब 95 लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है और यूएन ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

ईरान ने अपनी मांगों में क्या कहा है?

  • ईरान के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में मुकदमा चलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया और कागजी कार्रवाई शुरू की है।
  • राजदूत जलाली के अनुसार, हमलावरों को हर्जाना देना होगा ताकि हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।
  • युद्ध रोकने के लिए ईरान ने हर्जाने के साथ-साथ अपनी सुरक्षा की पुख्ता अंतरराष्ट्रीय गारंटी भी मांगी है।
  • अमेरिकी सरकार ने इस घटना की आंतरिक जांच करने की बात कही है, हालांकि उन्होंने जानबूझकर हमला करने के दावों को नकारा है।
  • यूनेस्को और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने स्कूल को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की है और इसे बच्चों के खिलाफ बड़ा अपराध बताया है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.