Iran Air Defense: ईरान ने घरेलू एयर डिफेंस सिस्टम को बढ़ाने का किया बड़ा ऐलान, मिली भारी सफलता

बुधवार, 26 अगस्त 2026 को ईरान ने अपने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान आर्मी एयर डिफेंस फोर्स और खातम अल-अनबिया ज्वाइंट एयर डिफेंस बेस के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अलीरेजा एलहामी ने यह घोषणा की कि देश अब अपने एयर डिफेंस सिस्टम का विस्तार और आधुनिकीकरण तेजी से करेगा। इस नई योजना की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से घरेलू विशेषज्ञता और राष्ट्रीय तकनीकी ज्ञान पर आधारित है।
ऑपरेशनल सफलता के बाद लिया गया फैसला
ब्रिगेडियर जनरल एलहामी ने बताया कि इन अगली पीढ़ी के रक्षा प्लेटफॉर्मों को विकसित करने का मुख्य कारण हाल ही में हुए सैन्य संघर्षों से मिले सबक हैं। उन्होंने इन संघर्षों को 'तीसरा थोपा हुआ युद्ध' या '40-दिवसीय युद्ध' का नाम दिया। इन हालिया लड़ाइयों के दौरान ईरानी एयर डिफेंस फोर्स ने दुश्मन के कई रणनीतिक लड़ाकू विमानों और ड्रोनों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया था। इन सैन्य अभियानों से जो जरूरी जानकारियां मिलीं, उनके आधार पर अब सुरक्षा बलों की तैनाती, हथियारों के वितरण और रणनीतिक व्यवस्था में बदलाव किए जा रहे हैं।
सौ प्रतिशत तैयारी और पूरी निगरानी
कमांडर ने यह भी साफ कर दिया कि सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) दोनों को मिलाकर ईरान की एयर डिफेंस यूनिट इस समय 100 प्रतिशत तैयारी की स्थिति में है। देश की सीमाओं पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है ताकि ईरानी एयरस्पेस की सुरक्षा पुख्ता रहे। इसके अलावा, युद्ध या अभ्यास के दौरान जो भी रक्षा उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें बहुत जल्द बदलने की योजना पर काम चल रहा है।
आत्मनिर्भरता पर पूरा जोर
ईरान का यह पूरा एकीकृत एयर डिफेंस ढांचा, जिसमें कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क, संचार प्रणालियां, खुफिया उपकरण और विभिन्न प्रकार के हथियार शामिल हैं, पूरी तरह से स्वदेशी क्षमताओं पर टिका हुआ है। कमांडर ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि आंतरिक विशेषज्ञता के दम पर देश अपने हार्डवेयर और डिफेंस सिस्टम को लगातार मजबूत करता रहेगा ताकि भविष्य की किसी भी चुनौती का सामना पूरी ताकत से किया जा सके।