ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने ऐलान किया है कि कतर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर वापस मिलेंगे. यह फैसला अमेरिका के साथ हुए एक शुरुआती समझौते के तहत लिया गया है. इस कदम का मुख्य मकसद चल रही जंग को खत्म करना और दोनों देशों के बीच शांति लाना है.
इस पूरे मामले की जानकारी यह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच 14 से 18 जून 2026 के बीच ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ पर साइन हुए थे. यह एक 60 दिनों का समझौता है जिसे इसलिए बनाया गया है ताकि आगे चलकर बड़े समझौतों की बात हो सके और युद्ध को रोका जा सके.
पैसों के इस्तेमाल की कड़ी शर्तें
सरकार ने साफ किया है कि इन 6 अरब डॉलर का इस्तेमाल सिर्फ मानवीय कामों के लिए होगा. इसमें खाना, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान खरीदना शामिल है. कतर इन चीजों की खरीदारी में मदद करेगा और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस बात पर नजर रखेंगी कि पैसा सही जगह खर्च हो रहा है या नहीं.
पैसों की वापसी के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं. यह पैसा तब मिलेगा जब ईरान बातचीत में पूरी दिलचस्पी दिखाएगा. साथ ही, पैसों को किस्तों में जारी करने पर विचार किया जा रहा है, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने और बड़े समझौते पर कितनी तरक्की हुई है.
बातचीत में देरी और नए अपडेट
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत होनी थी, लेकिन तेहरान ने इसे टाल दिया. ईरान का कहना है कि लेबनान में इसराइल ने युद्धविराम के नियमों का उल्लंघन किया है. अब उम्मीद है कि रविवार, 22 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में बातचीत शुरू होगी, जिसके लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख वहां पहुंच रहे हैं.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने बताया कि अमेरिका ने जमी हुई संपत्ति वापस करने और युद्ध के नुकसान की भरपाई करने का वादा किया है. ईरान चाहता है कि दुनिया भर में जमी उसकी करीब 100 अरब डॉलर की संपत्ति में से कम से कम 24 अरब डॉलर जल्द से जल्द वापस मिलें.
बयानों में टकराव
इस समझौते पर दोनों तरफ से अलग-अलग बातें सामने आई हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर मो जतबा खामेनेई ने इस समझौते को मंजूरी तो दी, लेकिन उन्होंने कहा कि अमेरिका यह कदम मजबूरी में उठा रहा है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका किसी मजबूरी में बात नहीं कर रहा और ईरान को एक सेंट भी नहीं मिलेगा.
समझौते और पैसों से जुड़ी अहम जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कतर में जमा राशि | 6 अरब डॉलर |
| कुल जमी हुई संपत्ति (दुनिया भर में) | 100 अरब डॉलर |
| ईरान की मांग | कम से कम 24 अरब डॉलर |
| समझौते की अवधि (MoU) | 60 दिन |
| समझौता साइन होने की तारीख | 14-18 जून 2026 |
| पैसा कतर कब पहुंचा था | सितंबर 2023 |
| अगली संभावित बैठक | 22 जून 2026 |
