ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने एक बड़ी खबर साझा की है। उन्होंने बताया कि कतर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर अब वापस मिलेंगे। यह पैसा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से रोका गया था। अब एक नए समझौते के तहत इसे रिलीज करने की तैयारी है।

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने सोमवार, 29 जून 2026 को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कतर में मौजूद कुल 12 अरब डॉलर के संसाधनों में से 6 अरब डॉलर वापस देश लाए जाएंगे। इसके लिए जरूरी कार्यवाही की जा रही है। यह कदम अमेरिका के साथ चल रही बातचीत और एक शुरुआती समझौते का हिस्सा है। इस डील का मकसद मध्य पूर्व के संघर्ष को खत्म करना और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना है।

इस समझौते के तहत परमाणु मुद्दों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर 60 दिनों की राजनयिक प्रक्रिया शुरू होगी। राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि हालिया युद्धविराम समझौते के बाद अब तेल और पेट्रोकेमिकल पर लगे प्रतिबंध हटा लिए गए हैं।

फंड का इस्तेमाल और मैनेजमेंट

यह पैसा ईरान की तेल कमाई का हिस्सा है जिसे प्रतिबंधों के कारण फ्रीज कर दिया गया था। इस फंड का इस्तेमाल सिर्फ मानवीय जरूरतों के लिए किया जाएगा, जैसे कि दवाइयां, भोजन और अन्य जरूरी सामान खरीदना। कतर के दो बैंकों, Al-Ahli और Dukhan के जरिए इस पैसे का मैनेजमेंट होगा, लेकिन इसका कंट्रोल ईरान के सेंट्रल बैंक के पास रहेगा।

विवरण जानकारी
कतर में कुल जमा फंड 12 अरब डॉलर
रिलीज होने वाला फंड 6 अरब डॉलर
इस्तेमाल का उद्देश्य मानवीय सहायता (दवा और भोजन)
मैनेजमेंट बैंक Al-Ahli और Dukhan बैंक
पुराना स्रोत दक्षिण कोरिया (सितंबर 2023)
नियंत्रण ईरान का सेंट्रल बैंक
कुल फ्रीज संपत्ति (अनुमानित) 100 अरब डॉलर

इस फंड का इतिहास काफी उलझा हुआ रहा है। सितंबर 2023 में कैदियों की अदला-बदली के समझौते के तहत इसे दक्षिण कोरिया से कतर भेजा गया था। लेकिन 7 अक्टूबर 2023 को हमास हमलों के बाद इस पैसे को फिर से फ्रीज कर दिया गया। अब नए समझौते के तहत इसे दोबारा खोला जा रहा है।

अमेरिका और कतर इस बात पर काम कर रहे हैं कि ईरान इस पैसे का इस्तेमाल सिर्फ मानवीय कार्यों के लिए ही करे। अमेरिकी अधिकारी इस बात की निगरानी करेंगे ताकि यह पैसा किसी सैन्य प्रोग्राम या अन्य समूहों तक न पहुंचे।

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने साफ किया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता, लेकिन वह यूरेनियम समृद्ध करने का अपना अधिकार नहीं छोड़ेगा। ईरान का मानना है कि इस फंड का मिलना उसके दुनिया भर में फंसे करीब 100 अरब डॉलर वापस पाने की दिशा में पहला कदम है।

इस मामले में बातचीत मई 2026 के अंत में शुरू हुई थी, जब ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने दोहा का दौरा किया था। अब ईरान और अमेरिका की टेक्निकल टीमें दोहा में मिलकर इस समझौते को लागू करने पर चर्चा करेंगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.