ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर बड़ी हलचल है। खबर है कि ईरान आज अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर अपना जवाब दे सकता है। इस पूरे मामले में पाकिस्तान बीच-बचाव का काम कर रहा है और सबकी नजरें अब तेहरान से आने वाले जवाब पर टिकी हैं।
ईरान की क्या हैं मुख्य मांगें और शर्तें
ईरान फिलहाल अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। ईरान की प्राथमिकता इस समय परमाणु वार्ता नहीं, बल्कि सभी मोर्चों पर युद्ध को रोकना है। ईरान ने अपनी कुछ प्रमुख शर्तें रखी हैं, जिन्हें वह पूरा करवाना चाहता है:
- प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान चाहता है कि उस पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं।
- समुद्री मार्ग: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोला जाए।
- अंतरराष्ट्रीय गारंटी: ईरान चाहता है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सीधे तौर पर इस समझौते की गारंटी दे।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बताया कि तेहरान अपना फैसला पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाएगा।
अमेरिका का रुख और होर्मुज जलडमरूमध्य का हाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 मई 2026 को जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में ईरान के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई है और एक समझौता मुमकिन लग रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जवाब मिलने की कोई आधिकारिक समय-सीमा तय नहीं है।
दूसरी तरफ, अमेरिका और खाड़ी देशों ने 6 मई 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया है। इसमें चेतावनी दी गई है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले बंद नहीं हुए, तो ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। साथ ही, अमेरिका ने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए “Project Freedom” अभियान भी शुरू किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इस विवाद में पाकिस्तान की क्या भूमिका है
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान अपने जवाब और अपनी स्थिति की जानकारी पाकिस्तान के जरिए ही अमेरिका तक पहुंचा रहा है।
क्या ईरान परमाणु वार्ता के लिए तैयार है
नहीं, फिलहाल ईरान की प्राथमिकता सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, प्रतिबंध हटाना और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना है। परमाणु वार्ता अभी उनके एजेंडे में शामिल नहीं है।