ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के लिए नया टैक्स नियम लागू कर दिया है। ईरान की संसद ने इस प्लान को मंजूरी दे दी है ताकि वह अपने देश के पुनर्निर्माण के लिए पैसा जुटा सके। इस फैसले से पूरी दुनिया में खलबली मच गई है और कई देश इसका विरोध कर रहे हैं।

📰: Iran ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर लगाया भारी टैक्स, अब $2 मिलियन तक देना होगा पैसा.

ईरान का नया टैक्स सिस्टम क्या है और कितना लगेगा पैसा?

ईरान ने ‘Strait of Hormuz Management Plan’ के तहत ट्रांजिट फीस तय की है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • तेल के हर एक बैरल पर लगभग 1 डॉलर का शुल्क लगेगा।
  • एक जहाज को कुल 20 लाख डॉलर तक का भुगतान करना पड़ सकता है।
  • पेमेंट के लिए चीनी युआन (Chinese Yuan) या क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल होगा।
  • दोस्ती रखने वाले देशों के लिए टैक्स की दरें कम होंगी, जबकि दुश्मन देशों के जहाजों को रास्ता नहीं दिया जाएगा।

जहाजों के लिए क्या हैं नए नियम और खतरे?

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने साफ किया है कि अब सभी जहाजों को गुजरने से पहले ईरानी सेना से संपर्क करना होगा। सुरक्षा कारणों और समुद्री बारूदी सुरंगों (Sea Mines) के खतरे को देखते हुए ईरान ने दो नए ‘सुरक्षित रूट’ जारी किए हैं। फिलहाल वहां ट्रैफिक काफी कम है और ज्यादातर ईरान से जुड़े जहाज ही वहां से गुजर रहे हैं।

दुनिया के बड़े देशों और संस्थाओं का क्या कहना है?

संस्था/देश क्या प्रतिक्रिया दी
International Law Experts कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) का उल्लंघन है।
United States व्हाइट हाउस ने कहा कि प्राथमिकता बिना किसी टैक्स के रास्ता खोलना है।
UAE (Adnoc CEO) बताया कि रास्ता अभी खुला नहीं है और ईरान इसे कंट्रोल कर रहा है।
IMO इस टोल सिस्टम को खतरनाक और अस्वीकार्य बताया।
Oman ईरान ने टैक्स का पैसा ओमान के साथ बांटने का प्रस्ताव दिया है।