ईरान और उसके व्यापारिक रास्तों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण अब ईरान अपना सामान लाने और ले जाने के लिए UAE के बंदरगाहों के बजाय दूसरे क्षेत्रीय विकल्पों को चुन रहा है। इस वजह से व्यापार की पूरी दिशा बदल गई है और अब सड़क और रेल मार्गों पर ज़्यादा भरोसा किया जा रहा है।
ईरान अब सामान लाने-ले जाने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल कर रहा है?
Iran Trade Development Organization के डायरेक्टर जनरल Seyed Ali Emami ने बताया कि सामान की सप्लाई और आवाजाही को लेकर फिलहाल कोई बड़ी चिंता नहीं है। ईरान अब अपने पड़ोसी देशों के सहयोग से सड़क और रेल परिवहन का ज़्यादा इस्तेमाल कर रहा है।
- South Corridor: 2003 में बने इस कॉरिडोर को फिर से सक्रिय किया गया है जो ईरान, भारत और रूस को जोड़ता है।
- Turkey का सहारा: तुर्की के Mersin और Trabzon पोर्ट्स का इस्तेमाल ईरान में कार्गो ट्रांसफर के लिए किया जा रहा है।
- China रेल मार्ग: चीन से आने वाले सामान के लिए रेल रूट का इस्तेमाल हो रहा है जिससे समय घटकर 12 से 16 दिन रह गया है।
- अन्य विकल्प: पाकिस्तान के Gwadar और Karachi पोर्ट्स के साथ-साथ ओमान के Duqm और Salalah पोर्ट्स को भी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
UAE और अन्य देशों के बंदरगाहों पर क्या असर पड़ा है?
Strait of Hormuz में IRGC द्वारा चुनिंदा जहाजों को रास्ता देने के कारण मार्च 2026 के पहले हफ्तों में टैंकर ट्रैफिक में 90% से ज़्यादा की गिरावट आई। इससे UAE के Jebel Ali पोर्ट पर काफी भीड़ बढ़ गई है क्योंकि कई जहाज अपना रास्ता बदल रहे हैं। DP World के CEO Yuvraj Narayan ने कहा कि शिपर्स अब अपना सामान भारत और पाकिस्तान में जमा कर रहे हैं ताकि वहां से छोटे जहाजों के ज़रिए Fujairah और Khor Fakkan पहुंचाया जा सके।
व्यापार के इस बदलते दौर में अब सऊदी अरब और कतर के पोर्ट्स मुख्य एंट्री पॉइंट बन गए हैं। इसके अलावा, बीमा कंपनियों ने भी रिस्क बढ़कर प्रीमियम बढ़ा दिया है जो कुछ मामलों में 10% तक पहुंच गया है।
नए व्यापारिक रास्तों और कॉरिडोर की क्या स्थिति है?
क्षेत्र में नए रास्ते बनाए जा रहे हैं ताकि Strait of Hormuz की पाबंदियों से बचा जा सके। Saudi Arabia Railways (SAR) ने एक नया फ्रेट कॉरिडोर शुरू किया है जो पूर्वी प्रांत के पोर्ट्स (Dammam, Jubail) को सीधे जॉर्डन से जोड़ता है। वहीं इराक ने एक दशक बाद सीरिया के साथ Rabia बॉर्डर क्रॉसिंग को फिर से खोल दिया है।
| बदले हुए रूट/पोर्ट | देश/क्षेत्र | मुख्य भूमिका |
|---|---|---|
| Mersin और Trabzon | Turkey | कार्गो ट्रांसफर का विकल्प |
| King Abdulaziz Port | Saudi Arabia | मुख्य एंट्री हब के रूप में उभार |
| Gwadar और Karachi | Pakistan | लॉजिस्टिक्स सपोर्ट |
| Aqaba Port | Jordan | AD Ports Group द्वारा संचालन |
| Duqm और Salalah | Oman | ईस्ट एशिया इम्पोर्ट हब |
India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEC) को भी अब अबू धाबी और तेल अवीव के बजाय रियाद और दोहा के रास्ते फिर से तैयार किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के व्यापारिक रास्तों में बदलाव का मुख्य कारण क्या है?
Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव और IRGC द्वारा जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण के कारण व्यापार प्रभावित हुआ है, जिससे ईरान को UAE के बजाय अन्य क्षेत्रीय बंदरगाहों और सड़क-रेल मार्गों की तलाश करनी पड़ी।
नए रास्तों से व्यापार पर क्या असर पड़ा है?
लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ गई है और बीमा प्रीमियम भी महंगा हुआ है, लेकिन चीन से रेल मार्ग के ज़रिए समय घटकर 12-16 दिन रह गया है और सऊदी अरब के पोर्ट्स अब मुख्य हब बन रहे हैं।