ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगाने की तैयारी कर ली है। इस खबर के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है। ईरान इस फीस को नुकसान की भरपाई के तौर पर देख रहा है और इसके लिए एक नया कानून भी बना रहा है।

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ईरान ने ट्रांजिट फीस के लिए क्या नियम सोचे हैं?

ईरान के संसदीय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने बताया कि ट्रांजिट फीस के लिए एक कानून तैयार किया जा रहा है। यह भुगतान ईरानी रियाल में करना होगा। इसके बाद इस जलमार्ग का पूरा नियंत्रण ईरान की सेना के पास होगा।

तेल निर्यातकों के यूनियन के प्रवक्ता हामिद होसेनी के मुताबिक, तेल ले जाने वाले टैंकरों से प्रति बैरल 1 डॉलर की फीस ली जाएगी। हालांकि, खाली जहाजों को मुफ्त में जाने की अनुमति मिल सकती है।

दुनिया भर के देशों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान ऐसा काम न करे और अगर शुरू किया है तो उसे तुरंत बंद कर दे। वहीं, यूरोपीय संघ (EU) ने भी इस कदम का विरोध किया है और कहा है कि समुद्र में जहाजों का आना-जाना पूरी तरह मुफ्त होना चाहिए।

संस्था/व्यक्ति क्या कहा या क्या किया
ईरान सरकार ट्रांजिट फीस के लिए कानून बना रही है
डोनाल्ड ट्रंप फीस लगाने पर सख्त चेतावनी दी
यूरोपीय संघ नेविगेशन की आजादी की वकालत की
IRGC युआन और क्रिप्टोकरेंसी में फीस वसूल रही है
हामिद होसेनी तेल टैंकरों से 1 डॉलर प्रति बैरल की मांग की

अभी मौजूदा स्थिति क्या है?

ईरान के अंदर इस खबर को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। कुछ अधिकारी इसे सही बता रहे हैं, तो कुछ इसे सिर्फ अफवाह कह रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) पहले से ही कुछ जहाजों से फीस वसूल रही है।

इस फीस के भुगतान के लिए चीनी युआन और स्टेबलकॉइन्स जैसी क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों से बचा जा सके।