अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान की स्थिति बहुत खराब हो गई है और वह हॉर्मुज़ Strait को फिर से खोलना चाहता है। इस खबर के बाद अब पूरी दुनिया की नज़रें ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं क्योंकि इसका सीधा असर तेल और व्यापार पर पड़ता है।

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ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्त रखी है?

ईरान ने हॉर्मुज़ Strait को खोलने के बदले में अमेरिका से एक प्रस्ताव रखा है। ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगाई गई नाकाबंदी को खत्म करे। हालांकि, इस प्रस्ताव में ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) पर कोई समझौता नहीं किया है। Donald Trump और अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio का कहना है कि ईरान के परमाणु हथियारों का मुद्दा किसी भी डील का सबसे अहम हिस्सा है। व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई लेकिन परमाणु मुद्दे पर सहमति न होने के कारण ट्रंप इससे खुश नहीं थे।

इस विवाद का Gulf देशों और दुनिया पर क्या असर होगा?

हॉर्मुज़ Strait में चल रही नाकाबंदी की वजह से दुनिया भर में सामान की सप्लाई प्रभावित हो रही है। इस तनाव के बीच UAE ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 1 मई से OPEC और OPEC+ से अलग होने का ऐलान किया है। वहीं, United Nations की जनरल असेंबली की अध्यक्ष Annalena Baerbock ने युद्धविराम की अपील की है ताकि क्षेत्रीय संकट और न बढ़े। इस पूरे मामले में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच संदेश पहुँचा रहा है।

  • ईरान ने हवाई हमलों के बाद स्टील उत्पादों के निर्यात पर रोक लगा दी है।
  • रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात कर अपना समर्थन दिया है।
  • ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रज़ा तलाई-निक ने कहा कि अमेरिका अब स्वतंत्र देशों को अपनी नीति नहीं थोप सकता।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच मुख्य विवाद क्या है?

मुख्य विवाद हॉर्मुज़ Strait की नाकाबंदी और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाए, जबकि ईरान चाहता है कि पहले उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म हो।

UAE ने इस संकट के बीच क्या फैसला लिया है?

UAE ने घोषणा की है कि वह 1 मई 2026 से OPEC और OPEC+ समूह से अलग हो जाएगा।