अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके अनुरोध पर ईरान ने महिला प्रदर्शनकारियों की मौत की सजा रद्द कर दी है। इस खबर ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी, लेकिन ईरान की सरकार ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। अब इस पूरे मामले में दो अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या दावा किया?

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर बताया कि ईरान ने आठ महिलाओं की फांसी रोकने का फैसला किया है। उन्होंने दावा किया कि इनमें से चार महिलाओं को तुरंत रिहा कर दिया जाएगा और बाकी चार को एक महीने की जेल होगी। ट्रंप ने शांति वार्ता में मदद के लिए ईरान से महिलाओं को छोड़ने की अपील की थी और इस फैसले के लिए ईरान का शुक्रिया भी अदा किया।

ईरान की सरकार और न्यायपालिका का क्या कहना है?

ईरान की न्यायपालिका ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत बताया है। मिज़ान ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं की बात हो रही है, उनमें से किसी को भी मौत की सजा नहीं सुनाई गई थी। सरकार का कहना है कि कुछ महिलाएं पहले ही रिहा हो चुकी हैं और बाकी पर ऐसी धाराएं लगी हैं जिनमें केवल जेल की सजा हो सकती है, मौत की सजा नहीं।

मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट में क्या है?

एमनेस्टी इंटरनेशनल और अन्य मानवाधिकार समूहों ने इस मामले में अलग जानकारी दी है। उनके मुताबिक बीता हम्मती नाम की एक महिला को मौत की सजा सुनाई गई थी, हालांकि इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है। इन संगठनों ने आरोप लगाया है कि ईरान विरोध करने वालों को दबाने के लिए फांसी की सजाओं को बढ़ा रहा है और कई कैदियों को अज्ञात स्थानों पर भेजा जा रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.