ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi और तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने फोन पर बातचीत की। इस बातचीत का मुख्य मकसद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करना और शांति लाना था। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में हो रहे ताजा बदलावों और कूटनीतिक कोशिशों पर अपनी राय साझा की।

ईरान और तुर्की की बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?

18 मई 2026 को हुई इस बातचीत में दोनों देशों ने पश्चिम एशिया के ताजा हालातों और वहां हो रहे डिप्लोमैटिक बदलावों पर विचार साझा किए। Anadolu Ajansı की रिपोर्ट के अनुसार, इस बातचीत में ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। इससे पहले 9 मई और 26 अप्रैल 2026 को भी दोनों मंत्रियों के बीच फोन पर बात हुई थी ताकि क्षेत्र में शांति स्थापित की जा सके।

ईरान ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्री Araghchi ने बताया कि अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर युद्ध थोपा था। उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों की भाषा को अपमानजनक बताया और कहा कि अमेरिका की हरकतों की वजह से वाशिंगटन की नीयत पर शक बढ़ गया है। Araghchi ने यह भी कहा कि अगर डिप्लोमैटिक बातचीत को आगे बढ़ाना है, तो अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपने अवैध हमले और सख्त रवैया बंद करना होगा।

युद्ध और शांति समझौते का पूरा मामला क्या है?

क्षेत्र की स्थिति को देखें तो 28 फरवरी 2026 को इसराइल और अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए थे। इसके बाद पाकिस्तान में शांति वार्ता हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अंत में 8 अप्रैल 2026 को लड़ रहे पक्षों के बीच युद्धविराम हुआ। तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने इस पूरे मामले में डिप्लोमैटिक कोशिशों को जारी रखने की जरूरत बताई और इस प्रक्रिया में अपना समर्थन दिया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और तुर्की के मंत्रियों ने कब बात की?

दोनों मंत्रियों के बीच सबसे हालिया बातचीत 18 मई 2026 को हुई, जिसमें पश्चिम एशिया के मुद्दों और तनाव कम करने पर चर्चा की गई।

ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए?

ईरान ने अमेरिका पर अवैध हमले करने, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने और बातचीत के दौरान सख्त रवैया अपनाने का आरोप लगाया।