ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से फोन पर बात की है। इस बातचीत के दौरान ईरान ने तुर्की पर हुए मिसाइल हमलों की खबरों को सिरे से नकारा है। ईरान ने इन घटनाओं की सच्चाई जानने के लिए एक साझा जांच टीम बनाने का प्रस्ताव दिया है। पिछले कुछ दिनों में तुर्की के सीमावर्ती इलाकों में मिसाइल गिरने और मलबे मिलने की खबरें आई थीं जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था।

तुर्की और ईरान के बीच क्या हुई बातचीत?

ईरान के राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि उनकी तरफ से तुर्की पर कोई हमला नहीं किया गया है। उन्होंने राष्ट्रपति एर्दोगन से कहा कि दोनों देश मिलकर एक टीम बनाएं जो इन मिसाइल घटनाओं की पूरी जांच करे। हाल ही में तुर्की के Gaziantep और Hatay इलाकों में मिसाइल के मलबे मिले थे। इसके बाद तुर्की ने ईरान के राजदूत को भी तलब किया था। अब दोनों देश मिलकर शांति से इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

मिसाइल हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारियां

मिसाइल गिरने की घटनाओं के बाद इलाके में चिंता का माहौल था लेकिन तुर्की में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। इस मामले में अब तक की बड़ी बातें नीचे दी गई हैं:

  • 9 मार्च 2026: राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान और एर्दोगन के बीच फोन पर लंबी चर्चा हुई।
  • मिसाइल इंटरसेप्ट: NATO ने Gaziantep के ऊपर एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया।
  • पहली घटना: इससे पहले 4 मार्च को Hatay के पास भी एक मिसाइल रोकी गई थी।
  • जांच टीम: ईरान ने आरोपों को गलत बताते हुए ज्वाइंट इन्वेस्टिगेशन टीम बनाने का सुझाव दिया है।

तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि Gaziantep में गिरे मलबे की वजह से कोई घायल नहीं हुआ है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए दोनों देशों के नेता संपर्क में बने हुए हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.