ईरान और तुर्की के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर गहरा गया है। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि 30 मार्च 2026 को नाटो की मिसाइल रक्षा प्रणाली ने ईरान की तरफ से आती एक बैलिस्टिक मिसाइल को तुर्की के हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही मार गिराया। मार्च महीने में यह इस तरह की चौथी घटना है जिससे मिडिल ईस्ट के हालातों पर पूरी दुनिया की नजरें टिक गई हैं।

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मिसाइल हमले की खबर पर क्या है ईरान का पक्ष?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तुर्की पर मिसाइल दागने की खबरों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान से फोन पर बातचीत की और कहा कि यह दुश्मनों की कोई सोची-समझी साजिश हो सकती है। ईरान ने इस मामले की संयुक्त जांच कराने का प्रस्ताव भी रखा है ताकि सच सबके सामने आ सके। ईरान का कहना है कि उनकी तरफ से ऐसी किसी भी कार्रवाई की इजाजत नहीं दी गई थी।

हालिया घटनाक्रम और मुख्य जानकारी

इस पूरे मामले में तुर्की और ईरान के बीच राजनयिक स्तर पर काफी हलचल देखी जा रही है। तुर्की ने तेहरान के सामने औपचारिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराया है और साफ चेतावनी दी है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

तारीख मुख्य घटना
30 मार्च 2026 नाटो ने ईरान से दागी गई चौथी मिसाइल को हवा में ही नष्ट किया
28 मार्च 2026 ईरानी विदेश मंत्री ने तुर्की के समकक्ष से युद्ध रोकने पर बात की
26 मार्च 2026 ईरान ने मिस्र और पाकिस्तान के साथ संभावित युद्धविराम पर चर्चा की

अब्बास अराघची ने साफ किया है कि फिलहाल अमेरिका के साथ युद्धविराम को लेकर कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस गारंटी के कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने सुरक्षा कारणों से दक्षिण-पूर्वी तुर्की के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी है। नाटो की टीमें पूर्वी भूमध्य सागर में लगातार तैनात हैं और हर हरकत पर नजर रख रही हैं।