ईरान और तुर्कमेनिस्तान के बीच एक अहम बातचीत हुई है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने तुर्कमेनिस्तान के विदेश मंत्री राशिद मेरेदोव से फोन पर बात की। इस बातचीत का मुख्य मकसद अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध को रोकना और कूटनीतिक रास्ता निकालना था।
क्या हुई बातचीत और क्या है ईरान की मांग?
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने तुर्कमेनिस्तान के मंत्री को बताया कि ईरान इस समय युद्ध को खत्म करने के लिए क्या कदम उठा रहा है। उन्होंने साफ किया कि अगर अमेरिका अपनी विस्तारवादी सोच और धमकियों वाला तरीका बदलता है, तो ईरान बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा, अराघची ने लेबनान में युद्धविराम की जरूरत पर भी जोर दिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और परमाणु बातचीत पर अपडेट
ईरान के विदेश मंत्री ने संसद की समिति को जानकारी दी कि फिलहाल अमेरिका के साथ कोई परमाणु बातचीत नहीं चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान ‘Strait of Hormuz’ को मैनेज करने के लिए एक नया सिस्टम बना रहा है। ईरान का कहना है कि अब इस रास्ते से दुश्मन देशों के जहाजों को आने की इजाजत नहीं मिलेगी और स्थितियां पहले जैसी नहीं रहेंगी।
आखिर यह युद्ध शुरू कैसे हुआ और अब क्या स्थिति है?
यह पूरा विवाद 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ जब ईरान के बड़े अधिकारियों और कमांडरों पर हवाई हमले हुए। इसके बाद 8 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद की मदद से एक अस्थायी युद्धविराम लागू हुआ था। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच पहली दौर की बातचीत नाकाम रही। अब अमेरिका ने ईरान पर ‘नेवल ब्लॉकेड’ यानी समुद्री नाकाबंदी लगा रखी है, जिसकी वजह से तनाव और बढ़ गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और तुर्कमेनिस्तान की बातचीत का मुख्य मकसद क्या था?
इस फोन कॉल का मकसद अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों और पहलों पर चर्चा करना था।
क्या ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु बातचीत चल रही है?
नहीं, विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 5 मई 2026 को संसद को बताया कि वर्तमान में अमेरिका के साथ कोई परमाणु बातचीत नहीं हो रही है।