ईरान और UAE के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अरब पार्लियामेंट ने ईरान द्वारा UAE के खिलाफ दिए गए भड़काऊ बयानों की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रपति मोहम्मद बिन अहमद अल यमाही ने इसे एक खतरनाक कदम बताया है, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और शांति को खतरा हो सकता है।

ईरान ने ऐसा क्या कहा जिससे बढ़ा विवाद?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने UAE पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका और इजराइल जैसे देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। ईरान का कहना था कि UAE की ज़मीन पर विदेशी सेना की मौजूदगी उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी दी कि अगर UAE की ज़मीन से कोई हमला हुआ, तो वह इसका करारा जवाब देगा।

UAE और अरब पार्लियामेंट का क्या जवाब है?

अरब पार्लियामेंट के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन अहमद अल यमाही ने कहा कि ईरान के बयान उसकी आक्रामक सोच को दिखाते हैं। उन्होंने साफ किया कि UAE की सुरक्षा और संप्रभुता एक ‘रेड लाइन’ है जिसे पार नहीं किया जा सकता। UAE के विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि किसी भी तरह की धमकी स्वीकार नहीं की जाएगी और देश अपनी सुरक्षा के लिए हर कानूनी और सैन्य कदम उठाने का हक रखता है।

क्या हाल ही में हुए हमलों का भी है कनेक्शन?

5 और 6 मई को UAE में मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबर आई थी, जिसमें फुजैरह ऑयल इंडस्ट्री ज़ोन में आग लग गई थी। सऊदी अरब ने भी इन हमलों की निंदा की और ईरान से अंतरराष्ट्रीय कानून मानने को कहा। हालांकि, ईरान के ख़तम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने इन हमलों से अपना नाता न होने की बात कही और UAE के दावों को बेबुनियाद बताया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और UAE के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?

ईरान ने UAE पर अमेरिकी और इजराइली सेना को जगह देने का आरोप लगाया है, जबकि UAE इसे अपनी संप्रभुता का मामला मानता है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को खारिज करता है।

अरब पार्लियामेंट ने ईरान के खिलाफ क्या कहा?

पार्लियामेंट के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन अहमद अल यमाही ने ईरान के बयानों को भड़काऊ और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान पर दबाव बनाने को कहा है।