लेबनान और इसराइल के बीच चल रहे तनाव ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। ईरान के UN राजदूत Amir Saeid Iravani ने सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वे इसराइल को युद्ध विराम का पूरी तरह पालन करने के लिए मजबूर करें। इस बीच लेबनान में हमले जारी हैं जिससे आम लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
ईरान ने UN से क्या मांग की और क्यों?
ईरान के राजदूत Amir Saeid Iravani ने UN सुरक्षा परिषद से कहा कि इसराइल को तुरंत अपने हमले रोकने चाहिए। उन्होंने मांग की कि इसराइल लेबनान के नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे पर हमले बंद करे और वहां से अपनी सेना हटा ले। इरावानी ने इस बात पर जोर दिया कि इसराइल को जवाबदेह बनाया जाए क्योंकि उसकी हरकतों से पूरे मध्य पूर्व की शांति खतरे में है। उन्होंने गाज़ा और वेस्ट बैंक में भी इसराइल के ऑपरेशन्स की निंदा की।
लेबनान में क्या हालात हैं और इसराइल का क्या स्टैंड है?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इसराइल के हवाई हमलों में 5 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें तीन बचावकर्मी भी शामिल थे। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया है कि उनके सैनिक लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में बने रहेंगे और हमले जारी रहेंगे। इसराइल का कहना है कि मई के मध्य तक का समय किसी पक्के समझौते के लिए आखिरी मौका है, वरना वे Hezbollah के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और बढ़ा देंगे।
युद्ध विराम की वर्तमान स्थिति और ताजा हमले
इसराइल और लेबनान के बीच युद्ध विराम 17 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ था, जिसे बाद में अमेरिका की मदद से तीन हफ्ते और बढ़ा दिया गया। हालांकि, इस समझौते के बावजूद हमले नहीं रुके। 28 अप्रैल को दक्षिण लेबनान के नबातियेह और बिंत जुबैल जैसे इलाकों में भारी गोलाबारी और ड्रोन हमले हुए। इसराइल ने दक्षिण लेबनान के कई कस्बों के लोगों को वहां से खाली करने का आदेश भी दिया है। इसके अलावा, इसराइल ने Hezbollah की दो सुरंगों को भी नष्ट करने का दावा किया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लेबनान और इसराइल के बीच युद्ध विराम कब शुरू हुआ था?
इन दोनों देशों के बीच युद्ध विराम 17 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ था, जिसे बाद में बढ़ाकर मई के मध्य तक कर दिया गया।
ईरान के राजदूत ने UN सुरक्षा परिषद से क्या अपील की है?
ईरान के राजदूत Amir Saeid Iravani ने मांग की है कि सुरक्षा परिषद इसराइल को युद्ध विराम का पालन करने और नागरिक इलाकों से सेना हटाने के लिए मजबूर करे।