ईरान के UN दूत आमिर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इसराइल पश्चिमी एशिया की सुरक्षा के लिए एक गंभीर और लगातार खतरा बना हुआ है। इस बयान के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है क्योंकि ईरान ने इसराइल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

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ईरान ने इसराइल पर क्या आरोप लगाए?

ईरान के दूत इरावानी ने बताया कि इसराइल गाज़ा में युद्ध अपराध कर रहा है और वेस्ट बैंक में अवैध बस्तियाँ बसा रहा है। उन्होंने कहा कि इसराइल ने सीज़फायर का उल्लंघन किया है और आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे पर हमले किए हैं। इसके अलावा, ईरान ने यह भी कहा कि इसराइल की आक्रामकता केवल फिलिस्तीन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सीरियाई इलाके में भी अस्थिरता फैला रहा है। ईरान का मानना है कि जब तक इस मुख्य समस्या का हल नहीं निकलता, तब तक इलाके में शांति नहीं आ सकती।

शांति के लिए ईरान की क्या मांगें हैं?

ईरान ने मांग की है कि गाज़ा में एक स्थायी युद्धविराम हो और वहां से सभी कब्जा करने वाली सेनाओं को पूरी तरह हटा लिया जाए। साथ ही, गाज़ा के लोगों तक बिना किसी रोक-टोक के मानवीय मदद पहुँचनी चाहिए ताकि भूख और तबाही को रोका जा सके। ईरान का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने वालों और युद्ध अपराध करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वह फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का पूरा समर्थन करता है।

इलाके में अन्य बड़े घटनाक्रम क्या रहे?

इस तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका पर अपने जहाजों को जब्त करने और समुद्री डकैती करने का आरोप लगाते हुए UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखा है। दूसरी तरफ, ईरान को 2026 की परमाणु अप्रसार संधि (NPT) समीक्षा कॉन्फ्रेंस का उपाध्यक्ष चुना गया है। वहीं, 28 अप्रैल को लेबनान में इसराइली हमलों में 8 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए, जिससे माहौल और बिगड़ गया है। फिलहाल, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने UN में इसराइल के बारे में क्या कहा?

ईरान के दूत आमिर सईद इरावानी ने कहा कि इसराइल पश्चिमी एशिया की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है और वह गाज़ा व वेस्ट बैंक में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है।

लेबनान में हाल ही में क्या हुआ?

28 अप्रैल 2026 को लेबनान में इसराइली हमलों में 8 लोगों की जान गई, जिनमें सिविल डिफेंस के बचावकर्मी भी शामिल थे।