ईरान के संयुक्त राष्ट्र (UN) राजदूत अमीर सईद इरावनी ने 12 मार्च 2026 को स्पष्ट किया है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान समुद्र के नियमों के तहत नेविगेशन की आज़ादी का पूरा सम्मान करता है। इरावनी ने इलाके में मौजूदा तनाव के लिए अमेरिका और इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है। सऊदी न्यूज़ 50 की रिपोर्ट के अनुसार, जेनेवा में भी ईरान के राजदूत ने यही बात दोहराई है कि जलमार्ग को रोकने का उनका कोई इरादा नहीं है।

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ईरान के बयानों में क्या विरोधाभास है?

एक तरफ यूएन में ईरान के राजदूत स्ट्रेट को खुला रखने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके सुप्रीम लीडर और सेना का रुख इसके बिल्कुल अलग है।

  • सुप्रीम लीडर का बयान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के हवाले से स्टेट टीवी पर बताया गया कि होर्मुज स्ट्रेट को बंद रखा जाएगा और इसे अमेरिका और इजराइल के खिलाफ एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।
  • सेना की चेतावनी: 11 मार्च को ईरान की सैन्य कमान (Khatam al-Anbiya) ने साफ कहा कि अमेरिका, इजराइल या उनके सहयोगियों के किसी भी जहाज को वे अपना निशाना मानेंगे।

समुद्री व्यापार पर इस तनाव का क्या असर हुआ?

इस पूरे विवाद का सीधा असर कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पर देखने को मिला है।

  • जहाजों की संख्या में कमी: UNCTAD के आधिकारिक डेटा के अनुसार, फरवरी में यहां से रोजाना करीब 129 जहाज गुजरते थे। लेकिन 28 फरवरी के बाद से यह संख्या मार्च के मध्य तक लगभग शून्य हो गई है।
  • UN की कार्रवाई: यूएन सुरक्षा परिषद ने 11 मार्च को एक प्रस्ताव पास करके ईरान से व्यापारिक जहाजों पर हमले रोकने को कहा, जिसे ईरानी राजदूत ने खारिज कर दिया।
  • सैन्य टकराव: अमेरिकी सैन्य कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के कुछ माइनलेयर्स को नष्ट करने की पुष्टि की है।