संयुक्त राष्ट्र (UN) में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद को एक कड़ा पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने खाड़ी देशों और जॉर्डन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि इन देशों ने अमेरिका और इसराइल को सैन्य अभियान चलाने के लिए अपने हवाई क्षेत्र और सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने दिया, जिससे ईरान को काफी नुकसान हुआ है। अब ईरान ने इसके बदले में इन सभी देशों से पूरे मुआवज़े की मांग की है। यह पत्र 22 मई 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद को सौंपा गया था।

ईरान ने किन देशों पर लगाए हैं गंभीर आरोप?

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को भेजे पत्र में साफ तौर पर कई खाड़ी देशों के नाम लिए हैं। ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी के अनुसार, इन देशों ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के दौरान अमेरिका और इसराइल की सीधे तौर पर मदद की थी। इन देशों में मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:

  • सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर
  • बहरीन और कुवैत
  • जॉर्डन

पत्र में बताया गया है कि इन देशों ने सैन्य ठिकानों और सुविधाओं तक पहुंच दी, लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल सहायता प्रदान की, खुफिया जानकारी साझा की और हवाई रक्षा को आपस में जोड़ा। इसके साथ ही सैन्य अभियानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की खुली अनुमति भी दी थी।

मुनावज़े की मांग और कानूनी आधार क्या है?

ईरान ने अपनी इस मांग को लेकर अंतरराष्ट्रीय नियमों का हवाला दिया है। राजदूत इरावानी ने कहा कि सहयोगी देशों को ईरान को हुए भौतिक और नैतिक नुकसान की पूरी भरपाई करनी होगी। इसके लिए उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण कानूनी आधार पेश किए हैं:

  • ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 3314 का हवाला दिया, जिसके तहत इन देशों की भूमिका को हमले में भागीदारी माना गया है।
  • इरावानी ने कुवैत और बहरीन द्वारा सुरक्षा परिषद को भेजे गए पुराने पत्रों का जवाब दिया, जिसे उन्होंने पूरी तरह से बेबुनियाद और तथ्यों को छिपाने वाला बताया।
  • उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों और CENTCOM कमांडरों के सार्वजनिक बयानों का ज़िक्र किया, जिन्होंने खुद माना था कि खाड़ी के कई देश जंग के दौरान अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में किस बात की मांग की है?

ईरान ने खाड़ी देशों और जॉर्डन से मांग की है कि वे अमेरिका और इसराइल की सैन्य मदद करने के कारण ईरान को हुए भौतिक और नैतिक नुकसान का पूरा मुआवज़ा दें।

ईरान ने किन-किन खाड़ी देशों पर मदद करने का आरोप लगाया है?

ईरान ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर अमेरिका और इसराइल को हवाई क्षेत्र, सैन्य ठिकाने और खुफिया जानकारी साझा करने का आरोप लगाया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.