संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने ईरान में मानवाधिकारों को लेकर एक डराने वाली रिपोर्ट जारी की है। मध्य पूर्व युद्ध शुरू होने के बाद से वहां हालात काफी बिगड़ गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 21 लोगों को फांसी दी जा चुकी है और हजारों लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया है।

फांसी और गिरफ्तारी का पूरा हिसाब क्या है?

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, मध्य पूर्व युद्ध शुरू होने के बाद ईरान में कम से कम 21 लोगों को फांसी दी गई। इनमें से 9 लोग जनवरी 2026 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े थे, जबकि 10 लोगों पर विपक्षी समूहों का सदस्य होने का आरोप था और 2 लोगों को जासूसी के आरोप में फांसी हुई। वहीं, 28 फरवरी के बाद से राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर 4,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

UN और मानवाधिकार विशेषज्ञों ने क्या कहा?

  • वोल्कर तुर्क (UN मानवाधिकार प्रमुख): उन्होंने ईरानी अधिकारियों की कार्रवाई की निंदा की और तुरंत फांसी रोकने की मांग की। उन्होंने निष्पक्ष सुनवाई और मनमाने ढंग से पकड़े गए लोगों को रिहा करने की बात कही।
  • माई सातो (विशेष दूत): उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को “आतंकवादी” या “दंगाई” कहना खतरनाक है, क्योंकि इससे क्रूर कार्रवाई को सही ठहराया जाता है।
  • UNHRC: मानवाधिकार परिषद ने 23 जनवरी 2026 को ईरान में हजारों लोगों की हत्या की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पास किया।
  • FFM: 4 मार्च 2026 को चेतावनी दी गई कि कैदियों को बहुत तेजी से मौत की सजा की कार्यवाही का सामना करना पड़ रहा है।

जेल के अंदर की स्थिति कैसी है?

रिपोर्ट में बताया गया कि कई कैदियों को यातनाएं दी गईं और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। कुछ बंदियों को जबरन गायब कर दिया गया, जबकि कुछ से टीवी पर जबरन इकबालिया बयान दिलवाए गए। यहां तक कि कुछ कैदियों को नकली फांसी भी दी गई। चीन के बाद ईरान दुनिया में सबसे ज्यादा फांसी देने वाला देश है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में विरोध प्रदर्शन क्यों शुरू हुए?

ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत में आर्थिक कठिनाइयों के कारण शुरू हुए थे, जो जनवरी 2026 तक जारी रहे।

यूएन ने ईरानी सरकार से क्या मांग की है?

यूएन मानवाधिकार प्रमुख ने सभी फांसी को रोकने, मौत की सजा पर रोक लगाने, निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने और हिरासत में लिए गए लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com